डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका को ट्रंप के टैरिफ से फिर से महान बनने में नहीं मिलेगी मदद – जिम रोजर्स

नई दिल्ली,29 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के माध्यम से देश की आर्थिक तस्वीर बदलने की योजना बनाई है। हालाँकि, प्रख्यात अमेरिकी निवेशक और वित्तीय टिप्पणीकार जिम रोजर्स ने इस नीति की सफलता पर संदेह व्यक्त किया है। ट्रंप ने 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करने के बाद मेक्सिको और कनाडा जैसे मुख्य व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ये टैरिफ तब तक जारी रहेंगे,जब तक ये देश अवैध प्रवास और ड्रग तस्करी के मुद्दों का समाधान नहीं कर लेते।

जिम रोजर्स का मानना है कि टैरिफ किसी भी देश के लिए लाभकारी नहीं होते। उन्होंने कहा, “टैरिफ लगाने से किसी को वास्तविक सुरक्षा नहीं मिलती, यहाँ तक कि उन लोगों को भी नहीं जो सोचते हैं कि वे इससे सुरक्षित हैं।” रोजर्स ने यह भी कहा कि टैरिफ नीति से अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदारों के बीच आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

ट्रंप की इस योजना को मेक्सिकन रिपब्लिक के नियोक्ता परिसंघ (कोपरमेक्स) ने क्षेत्रीय रोजगार बाजार के लिए हानिकारक बताया है। उनका कहना है कि टैरिफ की धमकियाँ रणनीतिक क्षेत्रों में अनिश्चितता पैदा करती हैं और लाखों नौकरियों को खतरे में डाल सकती हैं।

रोजर्स ने ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि यह नीति अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से ही मुद्रास्फीति की समस्या का सामना कर रहा है और टैरिफ लागू होने पर केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे अमेरिकी जनता और उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से आयातित सभी वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा,जब तक कि ये देश अमेरिका में अवैध प्रवास और फेंटानिल जैसे खतरनाक ड्रग्स के प्रवाह को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाते।

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर चीन अमेरिका में फेंटानिल की तस्करी को रोकने के लिए निर्णायक कदम नहीं उठाता,तो उसके उत्पादों पर भी मौजूदा दरों के अलावा 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।

जिम रोजर्स ने इतिहास और अर्थशास्त्र के आधार पर टैरिफ नीति को असफल बताया है। उनका कहना है कि टैरिफ न केवल व्यापारिक साझेदारी को नुकसान पहुँचाते हैं,बल्कि रोजगार और आर्थिक स्थिरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। ट्रंप की टैरिफ नीति से अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदारों के बीच तनाव बढ़ सकता है,जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।