Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने त्यौहारी सीजन के लिए जारी किए नए कड़े दिशा-निर्देश

लखनऊ, 17 अक्टूबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली और छठ त्योहारों से पहले कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आला अधिकारियों के साथ रविवार देर रात हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, “सभी पटाखों की दुकानें और उनके गोदाम आबादी वाले क्षेत्रों से दूर बनाए जाएं और हर जगह दमकल गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पटाखों की दुकानें खुली जगहों पर संचालित होनी चाहिए और लाइसेंस/एनओसी समय पर जारी किए जाने चाहिए। हम सभी के पर्यावरण और स्वास्थ्य की ²ष्टि से अति संवेदनशील पटाखों की खरीद-बिक्री को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।”

सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, आदित्यनाथ ने कहा कि, आने वाले दिनों में दीवाली, गोवर्धन पूजा, भाई-दूज, देवोत्थान एकादशी, अयोध्या दीपोत्सव, वाराणसी देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे त्योहार मनाए जाएंगे।

इसके अलावा बलिया का दादरी मेला, अयोध्या में पंचकोसी, 84 कोसी परिक्रमा, प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा स्नान, हापुड़ का गढ़मुक्ते श्वर मेला भी इसी अवधि में लगने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “कानून-व्यवस्था की ²ष्टि से समय संवेदनशील है और पुलिस को सतर्क रहना चाहिए।”

उन्होंने अधिकारियों को निरंतर संवाद बनाए रखने और विभिन्न समुदायों के सभी सदस्यों से सहयोग लेने का निर्देश दिया ताकि त्यौहारों को शांति और सद्भाव के साथ आयोजित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, “लम्पी वायरस के डर को देखते हुए बलिया में दादरी मेले के दौरान लगने वाले पारंपरिक पशु मेले को स्थगित करना अच्छा रहेगा।”

उन्होंने अधिकारियों से इस संबंध में पशुपालकों को समय पर सूचना देने को कहा। पशु मेला स्थगित करने के साथ-साथ लोगों को लम्पी वायरस से बचाव के प्रति भी जागरूक किया जाए।

अधिकारियों को त्यौैहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा, “पूर्व में बेमौसम बारिश के कारण 15 जिलों में करीब 15 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। मैंने खुद ऐसे इलाकों का दौरा किया है, प्रभावित लोगों से बातचीत की है। बाढ़ प्रभावितों में राहत कार्य में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।”

“प्रत्येक गांव के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर राहत कार्य तेज किया जाए। प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। तैयार भोजन और सूखा राशन वितरित करें। जहां जलभराव हो, वहां जानवरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। इन स्थलों पर पशुओं के चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। सांप रोधी विष की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता, सेनिटाइजेशन और फॉगिंग का काम मिशन मोड पर किया जाना चाहिए। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सर्वे कराकर उपलब्ध चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी। जहां आवश्यक हो वहां तत्काल चिकित्सक की तैनाती की जाए।

आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एटीएम और टेलीकंसल्टेशन को और प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

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