बेंगलुरु,16 जनवरी (युआईटीवी)- विजय हजारे ट्रॉफी एलीट 2025-26 के पहले सेमीफाइनल में विदर्भ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक को 6 विकेट से शिकस्त दी और खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 1 में खेले गए इस मुकाबले में विदर्भ ने न सिर्फ गेंदबाजी में अनुशासन दिखाया,बल्कि बल्लेबाजी में भी संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। अब विदर्भ का सामना सौराष्ट्र और पंजाब के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। यह मुकाबला 16 जनवरी को खेला जाएगा,जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 18 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।
मैच की शुरुआत में कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया,लेकिन उनकी शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 20 रन के स्कोर पर अपने दो अहम विकेट गंवा दिए,जिससे दबाव तुरंत बढ़ गया। ऐसे मुश्किल हालात में ध्रुव प्रभाकर और अनुभवी करुण नायर ने पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की और स्कोर को 74 तक पहुँचाया। हालाँकि,ध्रुव प्रभाकर 28 रन बनाकर आउट हो गए और कर्नाटक को एक बार फिर झटका लगा।
इसके बाद करुण नायर ने केएल कृष्णन श्रीजीत के साथ मिलकर पारी को स्थिरता प्रदान की। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 97 गेंदों में 113 रनों की अहम साझेदारी हुई,जिसने कर्नाटक को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। करुण नायर ने अपनी पारी में धैर्य और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 90 गेंदों का सामना करते हुए 1 छक्का और 8 चौकों की मदद से 76 रन बनाए। दूसरी ओर,कृष्णन श्रीजीत ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 7 चौकों की सहायता से 54 रनों की उपयोगी पारी खेली।
मध्यक्रम में श्रेयस गोपाल और अभिनव मनोहर ने छठे विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी की,जिससे कर्नाटक का स्कोर 250 के पार पहुँच सका। श्रेयस गोपाल ने 36 रन बनाए,जबकि अभिनव मनोहर 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। हालाँकि,अंतिम ओवरों में विदर्भ के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की और कर्नाटक की पारी 49.4 ओवरों में 280 रन पर सिमट गई। विदर्भ की ओर से दर्शन नालकंडे ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। यश ठाकुर को 2 विकेट मिले,जबकि नचिकेत भूटे और यश कदम ने 1-1 विकेट अपने नाम किए।
280 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विदर्भ की टीम की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। टीम ने महज 9 रन के स्कोर पर अथर्व तायडे का विकेट गंवा दिया। इसके बाद अमन मोखाड़े और ध्रुव शौरे ने पारी को सँभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 98 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ध्रुव शौरे ने 64 गेंदों में 47 रन बनाए और एक सधी हुई पारी खेलकर टीम को स्थिरता दी।
ध्रुव शौरे के आउट होने के बाद अमन मोखाड़े ने समर्थ आर के साथ मिलकर मैच को पूरी तरह विदर्भ के पक्ष में मोड़ दिया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 147 रनों की जबरदस्त साझेदारी हुई,जिसने कर्नाटक की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। अमन मोखाड़े ने इस मुकाबले में अपने करियर की यादगार पारी खेली। उन्होंने 122 गेंदों में 2 छक्कों और 12 चौकों की मदद से 138 रन बनाए और विदर्भ को जीत की दहलीज तक पहुँचाया।
हालाँकि,अमन मोखाड़े के आउट होने के बाद भी विदर्भ को किसी तरह की घबराहट नहीं हुई। रविकुमार समर्थ ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत तक पहुँचाया। उन्होंने 69 गेंदों में 7 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन बनाए और विदर्भ ने 46.2 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। कर्नाटक की ओर से अभिलाष शेट्टी ने 3 विकेट लेकर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया,जबकि विद्याधर पाटिल को 1 विकेट मिला,लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ।
इस जीत के साथ विदर्भ ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है और अब टीम का आत्मविश्वास चरम पर होगा। सेमीफाइनल में गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में संतुलित प्रदर्शन करने वाली विदर्भ की टीम खिताबी मुकाबले में भी मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। अब सभी की निगाहें सौराष्ट्र और पंजाब के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल पर टिकी होंगी,जिसके बाद यह तय होगा कि फाइनल में विदर्भ को किससे भिड़ना है।
