मणिपुर में हिंसा

मणिपुर में हिंसा से जुड़े मामलों की 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) जाँच करेंगी

2 सितंबर (युआईटीवी)- मणिपुर में हिंसा से जुड़े मामलों की समस्या को जल्द-से-जल्द सुलझाने के लिए जाँच में तेजी लाना अनिवार्य है। इसके लिए 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख दत्तात्रेय पडसलगीकर ने मणिपुर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने हेतु राज्य के राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की।

दत्तात्रेय पडसलगीकर को जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में कानून के प्रति विश्वास की भावना बहाल करने के प्रयास में, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट (एससी) की पीठ ने “एक उच्च सुशोभित अधिकारी” के रूप में नियुक्त किया गया था ताकि समग्र रूप से जाँच की निगरानी किया जा सके।

बताया जा रहा है कि पडसलगीकर ने राज्यपाल उइके को मणिपुर के वर्तमान हालात के बारे में अवगत कराया ताकि इस मामले की तेजी से जाँच किया जा सके और प्रभावित लोगों को न्याय तो मिले ही साथ उनकी दयनीय स्थिति में भी सुधार किया जा सके और कहा कि इसके लिए सर्वप्रथम 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। जिससे इस मामले की जल्द-से-जल्द जाँच पूरा किया जा सके।

पडसलगीकर का कहना है कि पहाड़ी और घाटी इलाकों के मामले की जाँच वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए की जाएगी।वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की सुविधाएँ बीएसएनएल और एनआईसी प्रदान करेंगी। इन सभी बातों से राज्यपाल
उइके को अवगत करा दिया गया है।

जाँच रिपोर्ट के बारे में पडसलगीकर ने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जाँच की पहली स्टेटस रिपोर्ट सम्बंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी। साथ ही उन्होंने राज्यपाल अनुसुइया उइके से अनुरोध किया कि हिंसा में प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाए।

इस पर राज्यपाल अनुसुइया उइके अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहले से ही राज्य और केंद्र की ओर से कार्य शुरू किये जा चुके हैं। हिंसा प्रभावित लोगों को उनके स्थानों पर बसने और जरुरी सहयता प्रदान करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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