प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@BJP4India)

वाशिंगटन डीसी विमान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख,कहा- ‘ हम आप के साथ’ हैं

नई दिल्ली,31 जनवरी (युआईटीवी)- वाशिंगटन डीसी में हुआ विमान हादसा एक बहुत ही दुखद घटना थी,जिसमें कई लोगों की जान चली गई। इस दुर्घटना पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं और इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि वह इस दुख की घड़ी में अमेरिकी लोगों के साथ खड़े हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उन्होंने इस पोस्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी टैग किया,ताकि दोनों देशों के बीच इस दुःखद स्थिति में एकजुटता दिखाई जा सके।

यह हादसा 28 जनवरी 2025 की रात वाशिंगटन डीसी के पास हुआ,जब दो विमान आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में 60 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार सभी लोग मारे गए। एक विमान अमेरिकी एयरलाइंस का था,जिसमें 60 यात्री और 4 क्रू मेंबर थे,जबकि दूसरा विमान अमेरिकी सेना का ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर था,जिसमें तीन सैनिक सवार थे। इस दुर्घटना ने वाशिंगटन के पास के क्षेत्र में खलबली मचा दी और दुर्घटना के बाद राहत कार्यों के लिए तात्कालिक बल घटनास्थल पर पहुँच गए।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,यात्री विमान अमेरिकन एयरलाइंस का था और वह कंसास सिटी से वाशिंगटन डीसी की ओर आ रहा था। विमान में ज्यादातर यात्री अमेरिका और रूस से थे। दिलचस्प बात यह है कि इस विमान में बर्फ पर स्केटिंग के खिलाड़ी सवार थे,जो एक फिगर स्केटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। जब विमान वाशिंगटन डीसी में लैंड करने के लिए अंतिम चरण में था, तो यह सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर से टकरा गया। यह हेलीकॉप्टर सेना के एक ऑपरेशन का हिस्सा था और इसमें तीन सैनिक सवार थे।

दोनों विमानों के बीच टक्कर इतनी भयंकर थी कि यात्री विमान हवा में ही दो हिस्सों में टूट गया और उसके बाद विमान पोटोमैक नदी में गिर गया। इस भयावह हादसे के बाद,अमेरिकी राहत कार्यकर्मी और आपातकालीन सेवाएँ घटनास्थल पर तुरंत पहुँची और शवों को निकालने का काम शुरू किया। नदी में शवों को निकालने के लिए रातभर ऑपरेशन चलाया गया। यह एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम था क्योंकि नदी के पानी में शवों को ढूँढना और निकालना बेहद कठिन था।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दुर्घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हुए कहा कि वह इस कठिन समय में अमेरिकी नागरिकों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में अमेरिका के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। मोदी के इस संवेदनशील संदेश ने भारत और अमेरिका के बीच आपसी रिश्तों को और भी मजबूत किया है,खासकर ऐसी कठिन परिस्थितियों में। यह संदेश यह भी दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुख की स्थिति में देश एक दूसरे के साथ खड़े रहते हैं।

हादसे के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने जाँच शुरू कर दी है कि आखिर इस दुर्घटना के कारण क्या थे। यह दुर्घटना दोनों विमानों के बीच के संपर्क या खराब मौसम के कारण हुई या फिर किसी तकनीकी खामी की वजह से। इन सवालों का जवाब जल्द ही मिलने की उम्मीद है,लेकिन इस हादसे ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि एयर ट्रैफिक और हेलीकॉप्टर संचालन में सुरक्षा मानकों को और भी कड़ा किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

यह हादसा न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक कड़ा संदेश है कि एयर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए। जहाँ एक तरफ इस घटना ने कई परिवारों को अपार दुख दिया,वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाता है कि किस तरह से विभिन्न देशों के लोग आपस में मिलकर इस तरह के कठिन समय में एक दूसरे का सहारा बन सकते हैं।