लॉस एंजिल्स,7 मार्च (युआईटीवी)- अमेरिकी राजनीति और हॉलीवुड के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति देखने को मिली है। प्रसिद्ध हॉलीवुड अभिनेता बेन स्टिलर ने व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता ने आरोप लगाया कि उनकी फिल्म के एक दृश्य का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया और इसे सरकारी प्रचार से जोड़ दिया गया। स्टिलर ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि युद्ध को मनोरंजन की तरह पेश करना न केवल गलत है,बल्कि बेहद असंवेदनशील भी है।
यह विवाद तब शुरू हुआ,जब द व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ने एक वीडियो पोस्ट किया,जिसमें कई लोकप्रिय फिल्मों और टीवी शो के क्लिप्स को एक साथ जोड़ा गया था। इस वीडियो में हॉलीवुड की कई चर्चित फिल्मों और सीरीज के दृश्य दिखाई गए,जिनमें टॉप गन,सुपरमैन,ट्रांसफॉर्मर्स,ब्रेकिंग बैड,आयरन मैनऔर स्टिलर की फिल्म ‘ट्रॉपिक थंडर’ के क्लिप शामिल थे। इन क्लिप्स को अमेरिकी सैन्य अभियानों से जुड़े दृश्यों के साथ संपादित कर एक वीडियो के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
व्हाइट हाउस ने इस पोस्ट के साथ “जस्टिस द अमेरिकन वे” शीर्षक का कैप्शन भी लिखा था। हालाँकि,इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी आलोचना शुरू कर दी। खासकर फिल्म ‘ट्रॉपिक थंडर’ के क्लिप के इस्तेमाल को लेकर अभिनेता बेन स्टिलर ने खुलकर आपत्ति जताई।
स्टिलर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान साझा करते हुए व्हाइट हाउस से वीडियो से उनकी फिल्म का हिस्सा हटाने की माँग की। उन्होंने लिखा, “हे व्हाइट हाउस, कृपया ‘ट्रॉपिक थंडर’ वाला क्लिप हटा दें। हमने आपको इसकी अनुमति नहीं दी है और हमें आपकी प्रोपेगेंडा मशीन का हिस्सा बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि युद्ध कोई फिल्म नहीं है और इसे इस तरह मनोरंजन के रूप में पेश करना गलत है।
स्टिलर की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि सरकारी संस्थानों को कलाकारों के कंटेंट का इस्तेमाल करने से पहले अनुमति लेनी चाहिए,जबकि अन्य लोगों ने यह सवाल उठाया कि मनोरंजन उद्योग के दृश्यों को सैन्य अभियानों से जोड़ना कितना उचित है।
यह पहली बार नहीं है,जब व्हाइट हाउस द्वारा कलाकारों के कंटेंट के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया हो। रिपोर्टों के अनुसार कई अन्य कलाकारों और संगीतकारों ने भी अपने काम के इस तरह इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इनमें अंतर्राष्ट्रीय पॉप स्टार सेलीन डियोन,प्रसिद्ध गायक ब्रूस स्प्रिंग्सटीन,रॉक बैंड लिंकिन पार्क,संगीतकार नील यंग,पॉप स्टार ओलिविया रोड्रिगो और प्रसिद्ध बैंड रेडियोहेड जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं।
इसी सप्ताह एक और विवाद सामने आया जब अमेरिकी गायिका केशा ने भी व्हाइट हाउस के एक वीडियो पर आपत्ति जताई। उस वीडियो में उनके गाने ब्लो का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो में एक फाइटर जेट को नौसैनिक जहाज पर मिसाइल दागते और उसके बाद हुए विस्फोट के दृश्य दिखाए गए थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केशा ने 2 मार्च को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक बयान साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें पता चला है कि व्हाइट हाउस ने टिकटॉक पर उनके गाने का इस्तेमाल हिंसा भड़काने और युद्ध की धमकी देने वाले वीडियो में किया है। उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया और कहा कि युद्ध को हल्के में लेना घृणित और अमानवीय है।
केशा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा देने के लिए अपने संगीत के इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देतीं। उनके बयान ने भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा की और कई लोगों ने कलाकारों के अधिकारों और उनकी रचनाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
इस विवाद के बाद व्हाइट हाउस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने केशा के बयान को एक्स पर दोबारा साझा करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि ऐसे मामलों में गायक और कलाकार अक्सर इस “जाल” में फँस जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे वीडियो को और अधिक ध्यान और ज्यादा व्यू मिलते हैं,क्योंकि लोग यह देखने के लिए उत्सुक रहते हैं कि कलाकार किस बात की शिकायत कर रहे हैं।
उनकी इस टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया और कई लोगों ने इसे कलाकारों की चिंताओं को नजरअंदाज करने वाला बयान बताया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यू या लोकप्रियता का नहीं,बल्कि रचनात्मक सामग्री के जिम्मेदार इस्तेमाल का है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है,जब राजनीतिक संचार में सोशल मीडिया की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। सरकारी संस्थान और राजनीतिक संगठन अक्सर अपने संदेश को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने के लिए लोकप्रिय संस्कृति और मनोरंजन के तत्वों का उपयोग करते हैं। हालाँकि,इस तरह के प्रयोग कई बार विवाद का कारण भी बन जाते हैं,खासकर तब जब कलाकारों की अनुमति के बिना उनके काम का इस्तेमाल किया जाता है।
इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान इस तरह के विवाद सामने आ चुके हैं। दिसंबर में प्रशासन ने एक वीडियो साझा किया था,जिसमें अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन द्वारा की गई हालिया गिरफ्तारियों को दिखाया गया था। उस वीडियो को लेकर भी व्यापक आलोचना हुई थी और कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया था।
फिलहाल बेन स्टिलर और अन्य कलाकारों की आपत्तियों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में रचनात्मक सामग्री के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम और पारदर्शिता जरूरी है,ताकि कलाकारों के अधिकारों का सम्मान किया जा सके और राजनीतिक संदेशों को जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जा सके।
