वाशिंगटन,5 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और दोनों नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रहती है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर बेहद सकारात्मक हैं और उन्हें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की मजबूती पर पूरा भरोसा है।
लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और वे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियमित रूप से बातचीत करते हैं। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी काफी मजबूत संबंध हैं,जो भारत-अमेरिका रिश्तों की गहराई को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानते हैं और दोनों देश वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने अपने बयान में हाल ही में व्हाइट हाउस में मनाई गई दीपावली का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस त्योहार को बेहद उत्साह और सम्मान के साथ मनाया,जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को कितना महत्व देते हैं। इस अवसर पर ट्रंप ने ओवल ऑफिस में दीप प्रज्ज्वलित किया और इसे “अंधकार पर प्रकाश की जीत” का प्रतीक बताया। उन्होंने भारत और विश्वभर के भारतीयों को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह त्योहार शांति,समृद्धि और भाईचारे का संदेश देता है।
लेविट ने आगे कहा कि दीपावली समारोह में कई प्रमुख भारतीय-अमेरिकी हस्तियाँ और अधिकारी शामिल हुए थे,जिनमें भारत के राजदूत विनय क्वात्रा,अमेरिका के नए भारत राजदूत सर्जियो गोर,एफबीआई निदेशक काश पटेल और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड के साथ-साथ कई भारतीय मूल के प्रमुख व्यवसायी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि उन्हें भारत और भारतीय समुदाय से गहरा लगाव है और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “एक महान व्यक्ति और दूरदर्शी नेता” बताया था।
सर्जियो गोर की भारत के नए अमेरिकी राजदूत के रूप में नियुक्ति का जिक्र करते हुए प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप की भारत के साथ मजबूत रिश्ते की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत-अमेरिका संबंधों को और गहराई देने के लिए ठोस कदम उठा रहा है,जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी को और सशक्त बनाएगा।
ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ रक्षा,व्यापार,प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया है। लेविट ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा जारी है और इस दिशा में कई दौर की वार्ताएँ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका की टीमें परस्पर लाभकारी समझौतों पर काम कर रही हैं,ताकि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच संतुलन और स्थिरता बनी रहे।
हालाँकि,लेविट ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में कुछ चुनौतियाँ भी आई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ व्यापारिक संतुलन को लेकर हमेशा स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हैं,लेकिन उन्होंने कभी भी भारत की प्रगति या उसके नेतृत्व की आलोचना नहीं की,बल्कि,ट्रंप ने बार-बार यह कहा है कि भारत एक उभरती हुई शक्ति है और अमेरिका उसके विकास में सहयोगी की भूमिका निभाना चाहता है।
व्हाइट हाउस की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ न केवल आर्थिक,बल्कि सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को भी नई ऊँचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने बार-बार कहा है कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों देशों की साझेदारी 21वीं सदी की वैश्विक व्यवस्था को नया रूप दे सकती है।
यह पहली बार नहीं है,जब ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की हो। पिछले महीने व्हाइट हाउस में आयोजित दीपावली कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने मोदी को “भारत का सच्चा मित्र और अद्भुत नेता” कहा था। उन्होंने कहा था कि मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है और अमेरिका इस यात्रा में भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है।
लेविट ने अपने बयान के अंत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की दृष्टि साफ है — भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत,भरोसेमंद और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी स्थापित करना। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती इस साझेदारी की नींव है।”
अमेरिका और भारत के बीच यह नया सहयोग न केवल आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में बल्कि वैश्विक राजनीति,जलवायु परिवर्तन,आतंकवाद विरोधी अभियानों और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। दोनों देशों के बीच यह बढ़ती नजदीकी आने वाले समय में विश्व की शक्ति-संतुलन व्यवस्था में एक नया अध्याय लिखने की क्षमता रखती है।
व्हाइट हाउस के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साझेदारी केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं है,बल्कि यह दो वैश्विक नेताओं के बीच पारस्परिक सम्मान और गहरी समझ पर आधारित एक सच्ची मित्रता की मिसाल है।
