डब्ल्यूएचओ की एशिया-प्रशांत देशों को चेतावनी, ओमिक्रॉन मामलों में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहें

नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)| विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अपने लोगों को टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, क्योंकि ओमिक्रोन वेरिएंट विश्व स्तर पर फैलता जा रहा है और नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है। एक वर्चुअल ब्रीफिंग में, पश्चिमी प्रशांत के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक, ताकेशी कसाई ने कहा कि यह स्पष्ट है कि यह महामारी खत्म नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि लोग ओमिकॉन के बारे में चिंतित हैं। मैं समझता हूं। आज आपको मेरा संदेश यह है कि हम इस वायरस को प्रबंधित करने के तरीके को ठीक कर सकते हैं ताकि भविष्य में होने वाली वृद्धि का बेहतर ढंग से सामना किया जा सके और इसकेस्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम किया जा सके।”

भारत, जापान, मलेशिया, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में अब ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं और हर गुजरते घंटे के साथ नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

वर्चुअल मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा, “लोगों को न केवल सीमा उपायों पर भरोसा करना चाहिए। संभावित उच्च संचरण क्षमता वाले इन वेरिएंट के लिए तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण है। अब तक उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि हमें अपना ²ष्टिकोण बदलने की जरूरत नहीं है।”

भारत में, बेंगलुरू में ओमिक्रोन संक्रमण के पहले दो मामलों का पता लगाने के बाद, कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग अब 10 दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों के बारे में चिंतित है, जो बेंगलुरु में लापता हो गए हैं।

दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) में ओमिक्रॉन कोविड वेरिएंट से संक्रमित होने के संदेह में कुल 10 व्यक्तियों को भर्ती कराया गया है।

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