संसद

आज से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में वक्फ बिल और मणिपुर मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद

नई दिल्ली,25 नवंबर (युआईटीवी)- आज,सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में कई अहम मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में 16 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक प्रमुख है। वक्फ संशोधन विधेयक को दोनों सदनों की संयुक्त समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद विचार और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के तहत संसद को कागज रहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लोकसभा कक्ष की लॉबी में चार काउंटरों पर इलेक्ट्रॉनिक टैब लगाए गए हैं,जिनके जरिए सांसद डिजिटल पेन का उपयोग कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। यह पहल संसद में कार्यवाही को अधिक सुगम और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से की गई है।

सत्र के दौरान कई अहम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। कांग्रेस पार्टी मणिपुर हिंसा और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों को उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा,राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अल्पकालिक चर्चा की माँग की है। उन्होंने 22 नवंबर को राज्यसभा के महासचिव को पत्र लिखकर लिखा कि वायु प्रदूषण कोई नया मुद्दा नहीं है,बल्कि यह तीन दशकों से चिंता का विषय बना हुआ है।

रंजीत रंजन ने अपने पत्र में दिल्ली के प्रदूषण को लेकर कहा,“राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर सर्दियों में स्वच्छ हवा में सांस लेने के लिए लोग संघर्ष करते हैं और श्वसन रोगों का सामना करते हैं। प्रदूषण को रोकने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।”

सत्र से पहले रविवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के दौरान संसद के शांतिपूर्ण संचालन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है,बशर्ते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले। उन्होंने सभी सदस्यों से सहयोग की अपील की और कहा कि शीतकालीन सत्र को सफल बनाने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।

आंध्र प्रदेश से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों पर टीडीपी सांसदों ने संसद में चर्चा की माँग की है। वहीं,केरल के वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता की माँग करते हुए शून्यकाल नोटिस दिया है।

संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर शीतकालीन सत्र के दौरान एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में इस कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा,जहाँ संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। यह अवसर संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को याद करने और उनके प्रति प्रतिबद्धता जताने का होगा।

सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों में वक्फ संशोधन विधेयक प्रमुख है। इसे मुस्लिम समुदाय से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके अलावा,सरकार अन्य विधेयकों पर भी चर्चा के लिए तैयार है,जो देश के विकास और जनकल्याण से संबंधित हैं।

संसद का यह शीतकालीन सत्र कई अहम मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा का मंच बनेगा। मणिपुर हिंसा,वायु प्रदूषण,वक्फ संपत्तियों और क्षेत्रीय विकास जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा के दौरान विचार-विमर्श और सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। यह सत्र न केवल विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर होगा,बल्कि लोकतंत्र की मजबूती और संविधान के प्रति सम्मान को भी प्रदर्शित करेगा।