नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (युआईटीवी)- विश्व कप 2023 के भारत का इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाफ होने वाले मैचों में हार्दिक पांड्या का खेलने की संभावना पर संशय बना हुआ है। भारत के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर और उप-कप्तान हार्दिक पांड्या अभी तक अपने बाएँ टखने की चोट से उबर नहीं पाए हैं। जिससे संभावना जताई जा रही है कि वे दो आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप मैचों में नहीं खेल पाएँगे।
29 अक्टूबर को भारत का अगला मैच गत चैंपियन इंग्लैंड से लखनऊ में होने वाला है। उसके बाद भारत का अगला मुकाबला मुंबई में 2 नवंबर को श्रीलंका के खिलाफ होगा। इंग्लैंड के खिलाफ 29 अक्टूबर को लखनऊ में होने मुकाबले में भारतीय टीम में हार्दिक पांड्या के शामिल होने की संभावना नहीं है।
2023 विश्व कप के चौथा लीग मैच जो बांग्लादेश के खिलाफ पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेला गया। उस मैच के दौरान हार्दिक पांड्या को अपनी ही गेंद पर क्षेत्ररक्षण करते समय बाएँ टखने में चोट लग गई। जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और अपनी चोट के वजह से वे बाकी मैच में भी हिस्सा नहीं ले सके। बांग्लादेश के खिलाफ वे अपनी पहली ओवर के तीन ही गेंद डाल सकें,उनके ओवर के शेष बचे तीन गेंद विराट कोहली ने डाला।
परिणामस्वरूप,न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर को धर्मशाला में खेले गए मैच में भी हार्दिक पांड्या टीम में शामिल नहीं हुए। उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए),बेंगलुरु आवश्यक इंजेक्शन के साथ एक विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा ले जाया गया। जहाँ उन्हें बेहतर तरीके से चिकित्सा दी जा रही है।
आखिरी के दो लीग मैच जो 5 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और 12 नवंबर को नीदरलैंड के खिलाफ होने वाला है,जिसमें तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के उपलब्ध होने की उम्मीद बताई जा रही है। क्योंकि पांड्या के ठीक होने के लिए मेडिकल टीम एनसीए में कुछ और दिनों तक इंतजार करेगी।
तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर टीम प्रबंधन कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता है। क्योंकि वे चाहते हैं कि पांड्या सेमीफाइनल के लिए पूरी तरह से फिट हो जाए।
अभी तक भारत ने पाँच मैच खेले हैं और सभी पाँचों मैच जीत कर पुरुष एकदिवसीय विश्व कप में मेजबान भारत एकमात्र ऐसी टीम है,जो अजेय है और अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज है। गत चैंपियन इंग्लैंड से दो बार के चैंपियन भारत का अगला मुकाबला 29 अक्टूबर को होने वाला है। जहाँ इंग्लैंड को जीतना जरुरी है,तब ही नॉकआउट चरण में पहुँचने की उसकी उम्मीदें बरक़रार रहेगी। इंग्लैंड को कम -से-कम चार मैच जीतना जरुरी है अथवा नॉकआउट चरण में पहुँचने के लिए बाकी बचे सभी पाँचों मैच जीतने होंगे।
