नई दिल्ली,10 जनवरी (युआईटीवी)- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी ) ने विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 में शानदार और रोमांचक जीत के साथ अपने अभियान का आगाज़ किया है। शुक्रवार को डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गए मुकाबले में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस (एमआई) को तीन विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस मुकाबले की नायिका रहीं नादिन डी क्लार्क,जिन्होंने गेंद से चार विकेट लेने के बाद बल्ले से अंतिम ओवरों में विस्फोटक प्रदर्शन कर टीम को यादगार जीत दिलाई।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। सलामी जोड़ी अमेलिया केर और जी कमलिनी ने संभलकर पारी शुरू की,लेकिन रन गति काफी धीमी रही। पहले पाँच ओवरों में दोनों के बीच सिर्फ 21 रन की साझेदारी हो सकी। अमेलिया केर चार रन बनाकर आउट हो गईं,जबकि उनके तुरंत बाद नैट साइवर-ब्रंट भी केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती झटकों से मुंबई इंडियंस दबाव में आ गई और स्कोर 35 रन पर दो विकेट हो गया।
इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को सँभालने की कोशिश की। उन्होंने जी कमलिनी के साथ तीसरे विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी कर टीम को कुछ राहत दिलाई। कमलिनी ने 32 रनों की उपयोगी पारी खेली,लेकिन जैसे ही वह आउट हुईं,मुंबई की पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई। हरमनप्रीत कौर भी 20 रन बनाकर आउट हो गईं और टीम ने 67 के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए। उस समय ऐसा लग रहा था कि मुंबई इंडियंस बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहेगी।
हालाँकि,इसके बाद सजीवन सजना और निकोला कैरी ने पारी को नई दिशा दी। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए पाँचवें विकेट के लिए 82 रनों की अहम साझेदारी की। यह साझेदारी 49 गेंदों में आई और इसी के दम पर मुंबई इंडियंस सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच सकी। निकोला कैरी ने 29 गेंदों में 40 रनों की तेज पारी खेली,जबकि सजीवन सजना ने 25 गेंदों में एक छक्का और सात चौकों की मदद से 45 रन बनाए। इन दोनों की बदौलत मुंबई इंडियंस ने 20 ओवरों में छह विकेट पर 154 रन का स्कोर खड़ा किया।
आरसीबी की ओर से गेंदबाजी में नादिन डी क्लार्क सबसे सफल रहीं। उन्होंने अपने चार ओवरों में चार विकेट झटके और मुंबई की रन गति पर लगातार अंकुश लगाए रखा। लॉरेन बेल और श्रेयंका पाटिल को एक-एक विकेट मिला,लेकिन कुल मिलाकर आरसीबी की गेंदबाजी अनुशासित और प्रभावी रही।
155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने महज 3.5 ओवरों में 40 रन जोड़कर मुंबई के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। ग्रेस हैरिस ने 25 रनों की आक्रामक पारी खेली,लेकिन कप्तान स्मृति मंधाना 18 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद आरसीबी की पारी अचानक लड़खड़ा गई और टीम ने 65 रन तक पहुँचते-पहुँचते अपने पाँच विकेट गंवा दिए।
लगातार विकेट गिरने से आरसीबी मुश्किल में फँस गई थी और मुकाबला मुंबई इंडियंस की पकड़ में जाता दिख रहा था। ऐसे समय में नादिन डी क्लार्क ने जिम्मेदारी सँभाली और अरुंधति रेड्डी के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 52 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई,जिसने आरसीबी को एक बार फिर जीत की राह पर ला खड़ा किया। अरुंधति रेड्डी ने 25 गेंदों में 20 रनों का अहम योगदान दिया,लेकिन उनके आउट होने के बाद मुकाबला आखिरी ओवरों तक खिंच गया।
मैच का असली रोमांच अंतिम ओवर में देखने को मिला,जब आरसीबी को आखिरी चार गेंदों पर 20 रनों की जरूरत थी। दबाव की इस घड़ी में नादिन डी क्लार्क ने असाधारण साहस और आक्रामकता का प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार बड़े शॉट्स लगाते हुए मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया और टीम को अविश्वसनीय जीत दिला दी। उनकी यह पारी न सिर्फ तकनीकी रूप से शानदार थी,बल्कि मानसिक मजबूती का भी बेहतरीन उदाहरण रही।
मुंबई इंडियंस की ओर से गेंदबाजी में निकोला कैरी और अमेलिया केर ने दो-दो विकेट लिए,जबकि नैट साइवर-ब्रंट,शबनीम इस्माइल और अमनजोत कौर को एक-एक सफलता मिली। इसके बावजूद अंतिम ओवर में गेंदबाज दबाव नहीं झेल सके और आरसीबी ने बाज़ी मार ली।
इस जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने डब्ल्यूपीएल 2026 में आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की है। नादिन डी क्लार्क का यह ऑलराउंड प्रदर्शन टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए आरसीबी को बड़ी मजबूती देगा। वहीं, मुंबई इंडियंस के लिए यह हार जरूर निराशाजनक रही होगी,लेकिन सजीवन सजना और निकोला कैरी की पारियाँ टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
यह मुकाबला विमेंस प्रीमियर लीग की उस रोमांचक पहचान को और मजबूत करता है, जहाँ आखिरी गेंद तक परिणाम तय नहीं होता। आरसीबी की यह जीत न सिर्फ अंक तालिका में दो अंक जोड़ने वाली रही,बल्कि यह संदेश भी दे गई कि इस सीजन में टीम किसी भी परिस्थिति में हार मानने वाली नहीं है।
