दिल्ली कैपिटल्स फाइनल में (तस्वीर क्रेडिट@im_sandeepdalvi)

डब्ल्यूपीएल: दिल्ली कैपिटल्स फिर फाइनल में,गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से हराकर चौथी बार खिताबी मुकाबले में बनाई जगह

वडोदरा,4 फरवरी (युआईटीवी)- वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स ने लगातार चौथी बार टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया है। अब 5 फरवरी को खिताबी मुकाबले में उसका सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से होगा। यह मुकाबला न सिर्फ ट्रॉफी के लिहाज से अहम होगा,बल्कि दिल्ली कैपिटल्स के लिए पिछले तीन फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता करने का भी बड़ा मौका रहेगा।

दिल्ली कैपिटल्स का डब्ल्यूपीएल फाइनल से पुराना नाता रहा है,लेकिन अब तक किस्मत उसका पूरा साथ नहीं दे पाई है। डब्ल्यूपीएल 2023 के पहले संस्करण में दिल्ली ने फाइनल तक का सफर तय किया था,लेकिन खिताबी मुकाबले में उसे मुंबई इंडियंस के हाथों हार झेलनी पड़ी। इसके बाद 2024 में टीम ने एक बार फिर फाइनल में जगह बनाई,मगर इस बार आरसीबी ने दिल्ली के सपनों पर पानी फेर दिया। साल 2025 में भी कहानी कुछ अलग नहीं रही और दिल्ली कैपिटल्स को तीसरी बार फाइनल में मुंबई इंडियंस से हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2026 का फाइनल दिल्ली के लिए सिर्फ एक मुकाबला नहीं,बल्कि अधूरा सपना पूरा करने का अवसर है।

एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी की। उनकी शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 59 रन के स्कोर तक अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद गुजरात की पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई थी और ऐसा लग रहा था कि टीम सम्मानजनक स्कोर तक भी नहीं पहुँच पाएगी। ऐसे मुश्किल समय में सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी ने जिम्मेदारी सँभाली और पारी को सँभालने का बीड़ा उठाया।

बेथ मूनी ने जॉर्जिया वेयरहैम के साथ पाँचवें विकेट के लिए 61 रन की अहम साझेदारी कर गुजरात जायंट्स को संकट से बाहर निकाला। वेयरहैम ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 35 रन बनाए,जिसमें कई आकर्षक शॉट्स शामिल रहे। हालाँकि,उनके आउट होने के बाद भी मूनी ने एक छोर सँभाले रखा और अंत तक डटी रहीं। उन्होंने 51 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 62 रन की नाबाद पारी खेली,जो गुजरात की पारी की रीढ़ साबित हुई।

अंतिम ओवरों में काशवी गौतम ने भी तेज रन बटोरे और 10 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 18 रन जोड़कर टीम को 168 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से गेंदबाजी में चिनले हैनरी सबसे सफल रहीं,जिन्होंने 35 रन देकर 3 विकेट झटके। इसके अलावा नंदिनी शर्मा ने 2 विकेट हासिल किए,जबकि मिन्नु मणि को 1 सफलता मिली। दिल्ली की गेंदबाजी ने गुजरात को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।

169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। लिजेल ली और शेफाली वर्मा की सलामी जोड़ी ने गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों ने महज 7.1 ओवरों में 89 रन जोड़कर मैच को लगभग एकतरफा बना दिया। लिजेल ली ने शानदार टाइमिंग के साथ बल्लेबाजी करते हुए 24 गेंदों में 1 छक्का और 8 चौकों की मदद से 43 रन बनाए। वहीं शेफाली वर्मा ने अपने चिरपरिचित आक्रामक अंदाज में 21 गेंदों में 7 चौकों के साथ 31 रन जड़ दिए।

हालाँकि,दिल्ली ने 92 रन के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए,लेकिन तब तक जीत की नींव रखी जा चुकी थी। इसके बाद कप्तान जेमिमा रोड्रिगेज ने जिम्मेदारी सँभाली और लौरा वोल्वार्ड्ट के साथ मिलकर मैच को पूरी तरह दिल्ली के पक्ष में मोड़ दिया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 41 गेंदों में 68 रन की बेहतरीन साझेदारी हुई,जिसने गुजरात की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

जेमिमा रोड्रिगेज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 1 छक्का और 4 चौकों की मदद से 41 रन बनाए। उनकी पारी में आक्रामकता और समझदारी का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। दूसरी ओर,लौरा वोल्वार्ड्ट ने 24 गेंदों में 3 बाउंड्री के साथ नाबाद 32 रन बनाए और टीम को 15.4 ओवरों में जीत दिलाकर लौटे बिना पवेलियन लौटीं। गुजरात जायंट्स की ओर से जॉर्जिया वेयरहैम ने 2 विकेट लिए,जबकि राजेश्वरी गायकवाड़ को 1 सफलता मिली,लेकिन यह गेंदबाजी दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी के सामने नाकाफी साबित हुई।

इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई,बल्कि अपने आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाई दी है। टीम का संतुलन,बल्लेबाजों की आक्रामकता और गेंदबाजों का अनुशासन उसे इस सीजन की सबसे मजबूत टीमों में शामिल करता है। अब सभी की निगाहें 5 फरवरी को होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ दिल्ली कैपिटल्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा। यह मुकाबला दिल्ली के लिए इतिहास बदलने का मौका होगा,जबकि आरसीबी अपने खिताब को बचाने के इरादे से उतरेगी। डब्ल्यूपीएल 2026 का फाइनल रोमांच और हाई-वोल्टेज क्रिकेट से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है।