दलाई लामा (तस्वीर क्रेडिट@ShetSadanand)

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स: दलाई लामा का ऐतिहासिक ग्रैमी,बिली ईलिश से लेकर लेडी गागा तक सितारों की चमक

लॉस एंजिल्स,2 फरवरी (युआईटीवी)- संगीत जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शुमार 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स की विजेता सूची सामने आते ही दुनियाभर में संगीत प्रेमियों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है। लॉस एंजिल्स के भव्य क्रिप्टो डॉट कॉम एरिना में आयोजित इस समारोह में वैश्विक संगीत उद्योग की विविधता,रचनात्मकता और सांस्कृतिक विस्तार की झलक देखने को मिली। इस बार का ग्रैमी समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की पहली ग्रैमी जीत को लेकर रही।

दलाई लामा ने अपनी ऑडियो बुक ‘मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए बेस्ट ऑडियो बुक,नैरेशन एंड स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में ग्रैमी अवॉर्ड अपने नाम किया। यह न केवल उनके लिए,बल्कि आध्यात्मिक साहित्य और ध्यान आधारित कंटेंट के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस श्रेणी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जज केतनजी ब्राउन जैक्सन और लोकप्रिय होस्ट ट्रेवर नूह जैसे बड़े नाम भी नामांकित थे,ऐसे में दलाई लामा की जीत ने समारोह को एक अलग ही गरिमा प्रदान की।

संगीत की मुख्य श्रेणियों में भी कई बड़े नामों ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सॉन्ग ऑफ द ईयर का सम्मान बिली ईलिश को उनके भावनात्मक और कलात्मक गीत ‘वाइल्डफ्लावर’ के लिए मिला। इस गाने को उन्होंने अपने भाई फिनियास के साथ मिलकर लिखा और प्रोड्यूस किया था। बिली ईलिश की यह जीत उनके संगीत में लगातार आती परिपक्वता और प्रयोगधर्मिता को दर्शाती है,जिसने युवा श्रोताओं के साथ-साथ समीक्षकों का भी दिल जीता है।

के-पॉप के लिए भी यह समारोह ऐतिहासिक साबित हुआ। के-पॉप ग्रुप से जुड़े के-पॉप डेमन हंटर्स के गाने ‘गोल्डन’ ने बेस्ट सॉन्ग रिटन फॉर विजुअल मीडिया का अवॉर्ड जीतकर नया कीर्तिमान रच दिया। यह पहली बार है जब किसी के-पॉप एक्ट ने ग्रैमी अवॉर्ड अपने नाम किया है। इस जीत को कोरियन पॉप म्यूजिक के वैश्विक प्रभाव और उसकी बढ़ती स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।

एल्बम ऑफ द ईयर का प्रतिष्ठित पुरस्कार इस बार लैटिन म्यूजिक सुपरस्टार बैड बनी को उनके स्पैनिश भाषा के एल्बम ‘डेबी तिरार मास फोटोस’ के लिए मिला। यह जीत इस बात का संकेत है कि गैर-अंग्रेजी संगीत अब वैश्विक मंच पर पूरी मजबूती के साथ अपनी जगह बना चुका है। बैड बनी का एल्बम न केवल व्यावसायिक रूप से सफल रहा,बल्कि इसकी कहानी, प्रोडक्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया।

रिकॉर्ड ऑफ द ईयर का अवॉर्ड केंड्रिक लैमर और एसजेडए के गाने ‘लूथर’ को मिला। यह गाना अपने सामाजिक संदेश,सशक्त बोल और प्रभावशाली प्रोडक्शन के लिए पहले से ही चर्चा में था। वहीं सॉन्ग ऑफ द ईयर का एक और बड़ा सम्मान लेडी गागा के गीत ‘अब्राकाडाब्रा’ को दिया गया,जिसने उनकी क्रिएटिविटी और परफॉर्मेंस की नई ऊँचाइयों को दर्शाया।

लेडी गागा का दबदबा इस साल ग्रैमी अवॉर्ड्स में खास तौर पर देखने को मिला। उन्हें बेस्ट पॉप वोकल एल्बम का अवॉर्ड भी उनके एल्बम ‘मेहेम’ के लिए मिला,जो उनकी पॉप म्यूजिक शैली की मजबूती और निरंतरता को साबित करता है। इसके साथ ही लेडी गागा,निर्माता सर्कट और जैक एंटोनॉफ ने सबसे ज्यादा सात-सात नामांकन हासिल कर समारोह में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

बेस्ट न्यू आर्टिस्ट का सम्मान ब्रिटिश सिंगर ओलिविया डीन को मिला,जिनकी आवाज और गीत लेखन ने कम समय में ही अंतर्राष्ट्रीय पहचान बना ली है। उनकी जीत को नए कलाकारों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन की दौड़ में बैड बनी,लियोन थॉमस और सबरीना कारपेंटर जैसे कलाकार भी पीछे नहीं रहे, जिन्हें छह-छह नामांकन मिले।

फिल्म संगीत के क्षेत्र में भी ग्रैमी अवॉर्ड्स ने खास पहचान दी। ‘म्यूजिक फॉर जॉन विलियम्स’ को बेस्ट म्यूजिक फिल्म का अवॉर्ड मिला,जिसके साथ ही दिग्गज निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर एक नया अध्याय जोड़ा। यह जीत हॉलीवुड के दो दिग्गजों की रचनात्मक साझेदारी का सम्मान मानी जा रही है।

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स ने संगीत की सीमाओं को तोड़ते हुए आध्यात्मिकता,पॉप,हिप-हॉप,के-पॉप और लैटिन म्यूजिक को एक ही मंच पर सम्मानित किया। दलाई लामा की ऐतिहासिक जीत से लेकर युवा कलाकारों की नई उड़ान तक,इस साल का ग्रैमी समारोह संगीत की विविधता और वैश्विक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।