ग्रेटर नोएडा,16 सितंबर (युआईटीवी)- ग्रेटर नोएडा में 80 फीट की ऊँचाई से निर्माणाधीन बिल्डिंग की लिफ्ट नीचे गिर गई। जिसमें मौके पर ही 4 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल भी है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मजदूर हैं और यह सभी इस निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। इस निर्माणाधीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट की दारोमदार आम्रपाली ग्रुप पर थी। बताया जा रहा है की जब यह घटना घटित हुआ तब ये सभी मजदूर निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करने के क्रम में लिफ्ट में बैठकर नीचे से ऊपर की ओर जा रहे थे।
हादसा आम्रपाली ड्रीम वैली हाउसिंग सोसायटी में हुआ जो ग्रेटर नोएडा के बिसरख में है।
लिफ्ट में 9 मजदूर सवार होकर नीचे से ऊपर की ओर काम करने के लिए जा रहे थे। लिफ्ट एफ 8 और लिफ्ट एफ 9 जैसे ही फ्लोर के बीच पहुँची,वह अचानक से फ्री होकर नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि जिस लिफ्ट का सभी मजदूर काम करने के लिए उपयोग कर रहे थे,वह लिफ्ट सामान ढोने वाली लिफ्ट थी। इसलिए उसमें कोई स्प्रिंग नहीं लगे थे। जिसके कारण लिफ्ट तेजी से आकर नीचे गिर गई और और यह हादसा हो गया। जैसे ही लिफ्ट नीचे आकर गिरी धमाके की आवाज हुई। इस आवाज को सुनकर जो भी लोग बिल्डिंग में काम कर रहे थे,हड़बड़ा कर आनन-फानन में दुर्घटना स्थल पर पहुँचे। उस लिफ्ट में 9 लोग सवार थे। जिनके साथ ये हादसा हुआ उन सभी 9 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने 4 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया और बाकी 5 मजदूर जो घायल हैं,उनका वहाँ इलाज चल रहा है।

इस घटना में जिन 4 मजदूरों की मृत्यु हुई है,उनके नाम हैं आरिस खान (22),विपोत मंडल (45),अरुण तांती मंडल (40) और इस्ताक अली (23)और जो मजदूर घायल हुए हैं,उनके नाम हैं अरबाज अली,असुल मुस्तकीम, अब्दुल मुस्तकीम,कैफ और कुलदीप पाल। घायल हुए मजदूरों में 2 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। जिलाधिकारी और प्राधिकरण के सीईओ हादसा का जायजा लेने जिला अस्पताल पहुँचे । उसके बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ,गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर घटनास्थल पर इस हादसा के होने की वजह का निरीक्षण करने पहुँचे। निरीक्षण कर उन्होंने बताया कि काम करने के साइट पर जो भी सुरक्षा मानक अपनाने चाहिए थे वह नहीं अपनाया गया था। सुरक्षा मानकों में कमी को देखते हुए पूरे प्रोजेक्ट को सील करने का आदेश जारी किया गया ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और जल्द से जल्द जाँच कर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने इस घटना के बाद पूरे प्रोजेक्ट को सील करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही अलग-अलग राज्यों और जिलों से जो भी मजदूर यहाँ काम करने के लिए आए थे,उन्हें पुलिस ने जगह को खाली करने का निर्देश दे दिया है। करीब 2,000 मजदूर इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए दूसरे राज्यों से और दूसरे जिलों से यहाँ आए थे।जो पिछले कई महीनों से यहाँ रहकर काम कर रहे थे। जब उन्हें इस जगह को खाली करने के लिए कहा गया,तो उनसे उनका रहने का आसरा भी छिन गया। अब उन दो हजार मजदूरों के पास एक समस्या खड़ी हो गई है कि अब वे सब कहाँ पर रहेंगे,कहाँ जाएँगे और क्या खाएँगे। यह सब बात कह पाना उनके लिए बहुत मुश्किल है।
