केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात परिषदों संग की अहम बैठक (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

निर्यात को नई रफ्तार देने की तैयारी,केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यात परिषदों संग की अहम बैठक

नई दिल्ली,28 अप्रैल (युआईटीवी)- देश के निर्यात क्षेत्र को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े निर्यातकों की प्राथमिकताओं,चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने इस संवाद को सार्थक बताते हुए कहा कि सरकार भारतीय व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक के दौरान निर्यातकों की रचनात्मक प्रतिक्रिया को गंभीरता से सुना गया और उनके सुझावों को नीतिगत निर्णयों में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत के लिए नए अवसर तेजी से उभर रहे हैं,जिन्हें भुनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच तालमेल बेहद जरूरी है।

बैठक में हाल ही में भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि इन समझौतों के माध्यम से भारतीय निर्यातकों के लिए कई नए बाजार खुले हैं,जिनका पूरा लाभ उठाने की जरूरत है। उन्होंने निर्यातकों से आग्रह किया कि वे इन अवसरों का उपयोग करते हुए अपने उत्पादों की पहुँच को वैश्विक स्तर पर बढ़ाएं और देश के निर्यात को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

इस संदर्भ में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का भी विशेष उल्लेख किया गया। मंत्री ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अपने समकक्ष टॉड मैक्ले के साथ व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विशाल बाजार,कुशल मानव संसाधन,मजबूत डिजिटल ढाँचा और विनिर्माण क्षमता न्यूजीलैंड की कृषि-तकनीक,स्वच्छ ऊर्जा और फिनटेक क्षेत्रों की विशेषज्ञता के साथ मिलकर नए अवसरों का सृजन कर सकती है।

गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं की सक्रिय भागीदारी और उनके विचारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय व्यापार,निवेश और नवाचार आधारित सहयोग की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ यह समझौता भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक क्षमता और वैश्विक साझेदारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वर्तमान आँकड़ों के अनुसार भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर और सेवाओं का व्यापार करीब 634 मिलियन डॉलर के आसपास है। दोनों देशों ने अगले पाँच वर्षों में इस आँकड़ें को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में न्यूजीलैंड में रहने वाले लगभग तीन लाख भारतीयों का समुदाय भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है,जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक पुल का काम करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करेगा और देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने में मदद करेगा। इसके साथ ही,यह भारत की उस नीति को भी दर्शाता है,जिसके तहत वह लचीली,समावेशी और भविष्य के लिए तैयार आर्थिक साझेदारियों का निर्माण करना चाहता है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की यह पहल निर्यात क्षेत्र को नई दिशा देने और भारत को वैश्विक व्यापार के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इन चर्चाओं और समझौतों के ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं,जो देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।