योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 248 करोड़ की सौगात पीलीभीत को दी

पीलीभीत,7 अक्टूबर(युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्य जीव सप्ताह का समापन पीलीभीत के मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुँचकर किया। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने 26 परियोजनाओं हेतु 248 करोड़ की सौगात भी पीलीभीत को दी। इन परियोजनाओं का उन्होंने शिलान्यास और लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था,जिसका मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अवलोकन भी किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री ने बेहतर काम के लिए कई वन विभाग अधिकारीयों को सम्मानित भी किया। तराई क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इन क्षेत्रों में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएँ उपलब्ध है और ईको टूरिज्म को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। जिसके कारण दुधवा,अमानगढ़,कर्तनिया घाट,चूका आदि क्षेत्रों तक ईको टूरिज्म का विकास हुआ है। 10 वेटलैंड का भी विकास वन विभाग ने किए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आगे जीव जंतु और जल पारिस्थितिकी तंत्र के बारे कहते हैं कि जीव जंतु और जल पारिस्थितिकी तंत्र पर ही सम्पूर्ण मनुष्य जाति का अस्तित्व टिका हुआ है। यदि मनुष्य के अस्तित्व को बचाना है तो जीव जंतु और जल पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखना होगा। धरती को भारतीय मनीषा में माता कहा गया है और हम सब इस धरती के पुत्र हैं। जीव-जंतु,मनुष्य सभी इस धरती के सह अस्तित्व हैं। यदि किसी पर भी संकट आएगा तो मनुष्य के अस्तित्व संकट में आ जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि विकास के लिए हमारी डबल इंजन की सरकार निरन्तर प्रयासरत है और सभी का विकास हमारी सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संयुक्त सर्वे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा किया गया है और इस सर्वे में प्रथम ग्लोबल अवार्ड से पीलीभीत टाइगर रिजर्व को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्ष 2014 में सिर्फ 25 बाघ थे। जिसकी संख्या बढ़कर 2018 में 65 हो गई। जहाँ उत्तर प्रदेश राज्य में पहले 173 बाघ थे,अब बाघों की संख्या बढ़कर 205 से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे दुधवा 2018-19 में जाना पड़ा था। कभी-कभी ऐसा होता है कि वन्यजीवों और मानवों में संघर्ष हो जाता है और इस संघर्ष में जनहानि हो जाती है। इसलिए वन्यजीवों और मानवों में होने वाली संघर्ष के दौरान जनहानि को रोकने के लिए इसे आपदा घोषित करने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।अब जब भी ऐसे में कोई जनहानि होती है तो मुआवजा स्वरुप पाँच लाख की मदद की जाती है। जन सहभागिता के जरिए छह वर्ष के अंदर वन विभाग को मॉडल विभाग बना दिया गया है। सरकार लगातार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रयासरत है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) में अंतरराष्ट्रीय स्तर का टाइगर एक्स टू अवार्ड परिस्थिति तंत्र और जैव विविधता के प्रमुख मिंडोरी पैक्स्टन की ओर से दिया गया है।

पीलीभीत के मुस्तफाबाद से मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की कि गांगेय डॉल्फिन को प्रदेश के जलीय जीव का दर्जा दिया जाए। उन्होंने तालाबों और नदियों को शुद्ध तथा साफ़ रखने का भी आह्वान किया। गांगेय डॉल्फिन के बारे में अनुमान के अनुसार बताया जाता है कि लगभग 2000 गांगेय डाल्फिन हैं,जो गंगा, यमुना, चम्बल,घाघरा, राप्ती,गेरूआ आदि नदियों में पाई जाती है। उन्होंने वहाँ के लोगों को वन्य जीवों से व्यवहार के लिए प्रशिक्षण देने की बात पर भी जोर दिया और कहा कि हर गाँव के लोगों को टाइगर रिजर्व से जुड़े आरक्षित क्षेत्र के बारे में ट्रेनिंग देना चाहिए। जिससे वे लोग गाइड का काम कर सके और रोजगार भी प्राप्त कर सके। इससे पूरे गाँव में जागरूकता भी फैलेगी। उन्होंने कहा कि हमें यह भी ध्यान देना होगा जो भी पर्यटक आते हैं,वे प्लास्टिक का उपयोग करके कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे जल और प्रकृति प्रदूषित हो।

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