मुंबई,23 जनवरी (युआईटीवी)- बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के आगामी 74वें संस्करण का आयोजन 15 फरवरी से शुरू हो रहा है और इसका समापन 25 फरवरी को होगा। इस फिल्म फेस्टिवल में प्रशंसित अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘द फैबल’ का वर्ल्ड प्रीमियर ‘एनकाउंटर्स’ की श्रेणी में होगा। राम रेड्डी ने इस फिल्म का निर्देशन किया है।
फिल्म फेस्टिवल के शुरुआती दिन शाम के प्रीमियर के साथ फिल्म ‘द फैबल’ को प्रदर्शित किया गया है। इस फिल्म में प्रियंका बोस,दीपक डोबरियाल,तिलोत्तमा शोम,बाल कलाकार अवान पुकोट,नवोदित हिरल सिद्धू इत्यादि भी शामिल हैं।
‘द फैबल’ के कलाकारों में शामिल होने पर अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा कि इस फिल्म में शामिल होकर एक उल्लेखनीय अनुभव मिला है। इस फिल्म का निर्देशन राम रेड्डी ने किया है,जिनका दिमाग रचनात्मक है। उनके साथ काम करना और पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन हाउस द्वारा समर्थित ए-फेस्टिवल में भाग लेना,मेरे लिए अविश्वसनीय रूप से प्रेरणादायक रहा है। बर्लिन में हमारी फिल्म फिल्म ‘द फैबल’ का प्रीमियर होना,भारतीय कहानी कहने की वैश्विक पहुँच और कलात्मक क्षमता के प्रतीक को दर्शाती है।”
‘द फैबल’,निर्देशक राम रेड्डी की यह दूसरी पहल है,इससे पूर्व उनकी फिल्म ‘तिथि’ ने भी कई पुरस्कार जीते थे। राम रेड्डी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द फैबल’ अमेरिकी-भारतीय को-प्रोडक्शन है।
निर्देशक राम रेड्डी ने अपने फिल्म ‘द फैबल’ के बारे में कहा कि, ” यह सिर्फ फिल्म नहीं है,बल्कि मेरी आत्मा का टुकड़ा है। मैं खुद को कई चीजों के लिए भाग्यशाली मानता हूँ। जैसे-बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मेरी फिल्म ‘द फैबल’ का प्रीमियर होना,मनोज बाजपेयी जैसे प्रतिभाशाली अभिनेता के साथ सहयोग करना। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि मैंने जैसे कल्पना की थी,ठीक वैसे ही इस कहानी को बताने का अवसर मिला। ”
फिल्म ‘द फैबल’ एकमात्र भारतीय फ़िल्म है,जिसे बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में प्रस्तुत किया जा रहा है। पिछले 30 वर्षों में बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में डेब्यू करने वाली केवल दूसरी भारतीय फिल्म है। फिल्म ‘द फैबल’ को अनुभवी निर्माता सनमीम पार्क ने अपना समर्थन दिया है। सनमीम पार्क वैश्विक हॉलीवुड हिट ‘द अदर्स’ के निर्माता हैं,इस फिल्म के अभिनेता निकोल किडमैन हैं।
निर्देशक राम रेड्डी की पहली फिल्म ‘तिथि’ थी। यह फिल्म व्यावसायिक रूप से और आलोचनात्मक रूप से सफल साबित हुई थी। लगभग 100 दिनों तक फिल्म ‘तिथि’ सिनेमाघरों में चली थी। इस फिल्म ने 20 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते और नेटफ्लिक्स के साथ विश्वव्यापी अधिकार भी हासिल किए।
‘द शेफर्डेस एंड द सेवेन सॉन्ग्स’ को 2020 में ‘एनकाउंटर्स’ सेक्शन में प्रस्तुत किया गया था,जो कि आखिरी भारतीय फिल्म थी। मुख्य प्रतियोगिता में ‘शेल्टर ऑफ द विंग्स’ के बाद से कोई भारतीय फिल्म नहीं रही है। ‘शेल्टर ऑफ द विंग्स’ का निर्देशन दिवंगत बुद्धदेब दासगुप्ता ने 1994 में किया था।
