हैदराबाद,2 मई (युआईटीवी)- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव पर चुनाव आयोग ने ‘अपमानजनक बयान’ देने के कारण 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर पाबंदी (बैन) लगा दिया है। आचार संहिता का उल्लंघन करने के बाद चुनाव आयोग द्वारा यह फैसला लिया गया है। कांग्रेस के खिलाफ के.चंद्रशेखर राव द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक बयान देने के कारण चुनाव पैनल ने उन्हें कदाचार के लिए फटकार लगाया है और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत 48 घंटों के लिए उन पर चुनाव प्रचार करने,सार्वजनिक बैठक,रैलियाँ,जुलूस,शो,साक्षात्कार,मीडिया में सार्वजनिक बयान देने इत्यादि पर रोक लगा दिया है।
चुनाव पैनल ने बीआरएस नेता के बयानों की कड़ी निंदा की है। बुधवार की रात 8 बजे से उन पर लागू 48 घंटे की रोक शुरू हो गई है। बीआरएस नेता पर कांग्रेस नेता जी निरंजन ने पार्टी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दायर की थी,जिसके आधार पर चुनाव पैनल ने यह कड़ी कार्रवाई की।
चुनाव आयोग ने केसीआर के खिलाफ जो आदेश जारी किया है,उससे केसीआर की चल रही बस यात्रा पर असर पड़ेगा। सिरसिला में 5 अप्रैल, 2024 को केसीआर द्वारा दिए विवादित बयान को लेकर चुनाव आयोग ने फटकार लगाई। 13 मई को तेलंगाना में 17 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाला है।
केसीआर को 16 अप्रैल को आदर्श आचार संहिता के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के कारण चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था,जिसका जवाब 23 अप्रैल को मिला,जिसमें बीआरएस प्रमुख ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है।
बीआरएस अध्यक्ष केसीआर ने दावा किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें उन्होंने की है,कांग्रेस ने उसे तोड़ मरोड़कर पेश किया है। अपने बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले चुनावों में भी पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आचार संहिता का उल्लंघन किया था।
आयोग ने निरंजन की शिकायत की सामग्री और केसीआर के जवाब को देख कर पाया कि सिरसिला में 5 अप्रैल, 2024 को केसीआर ने जो बयान दिया था,वह आपत्तिजनक और अपमानजनक था और यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के अंतर्गत आता है।
