नई दिल्ली,4 जुलाई (युआईटीवी)- कजाकिस्तान की राजधानी में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक-दूसरे से गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए देखा गया,दोनों नेताओं के मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है।
नई दिल्ली में लोकसभा चुनाव 2024 के बाद मोदी 3.0 सरकार के गठन के बाद यह पहली उच्च स्तरीय बैठक है। दोनों विदेश मंत्रियों ने साथ में फोटो भी खिचवाई। वांग यी से मुलाकात करने से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की थी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात के बारे में लिखा कि,जब भी मैं एंटोनियो गुटेरेस से मिलता हूँ,हमेशा खुशी होती है। दुनिया की स्थिति के संबंध में उनकी अंतर्दृष्टि काफी प्रशंसनीय है। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार,सितंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारियों और भारत-संयुक्त राष्ट्र के सार्थक साझेदारी के भविष्य के संभावनाओं के बारे में विचार-विमर्श किया।
Met with CPC Politburo member and FM Wang Yi in Astana this morning.
Discussed early resolution of remaining issues in border areas. Agreed to redouble efforts through diplomatic and military channels to that end.
Respecting the LAC and ensuring peace and tranquility in the… pic.twitter.com/kR3pSFViGX
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 4, 2024
चार साल से भारत और चीन के बीच के संबंध पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के वजह अच्छे नहीं चल रहे थे। इसलिए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच के इस मुलाकात को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5 मई 2020 को पूर्वी लद्दाख में गतिरोध शुरू हुआ,जिसके बाद से भारत-चीन के बीच व्यापार को छोड़कर संबंध काफी खराब हो गए थे। दोनों देशों के सेनाओं के बीच गलवान के पास पैंगोंग त्सो (झील) क्षेत्र में हिंसक झड़पें हुई थीं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन,चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तथा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कजाकिस्तान की राजधानी में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
तीन से चार जुलाई तक शंघाई सहयोग संगठन की 24वीं बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें 8 देश भारत,पाकिस्तान,रूस,चीन,कजाकिस्तान,किर्गिस्तान,ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान हैं। इस सम्मलेन में विदेश मंत्री जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संसद सत्र की व्यस्तता की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल नहीं हो पाए।
