नई दिल्ली,20 जनवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित अपने लोक कल्याण मार्ग आवास पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उनके परिवार का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मुलाकात भारत और यूएई के बीच गहराते रणनीतिक,राजनीतिक और आर्थिक संबंधों का एक मजबूत प्रतीक बनकर सामने आई। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद की इस आधिकारिक यात्रा को भले ही समय के लिहाज से छोटा बताया जा रहा हो,लेकिन इसके निहितार्थ दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि दुबई के क्राउन प्रिंस,यूएई के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम,शेख हमेद बिन जायद अल नाहयान,यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान,शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और शेख मोहम्मद बिन हमद बिन तहनून अल नाहयान का स्वागत करना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी इस यात्रा को विशेष महत्व देती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इस बात पर भी जोर दिया कि यूएई के राष्ट्रपति के परिवार की भागीदारी भारत और यूएई के बीच अटूट विश्वास और गहरे आपसी संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के उज्ज्वल भविष्य में आपसी विश्वास को और मजबूत करती है। प्रधानमंत्री के इन शब्दों को कूटनीतिक हलकों में भारत–यूएई संबंधों की गहराई और पारिवारिक स्तर की निकटता के रूप में देखा जा रहा है।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की इस यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने अभी-अभी नई दिल्ली की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी की है,जो भले ही छोटी थी,लेकिन बेहद महत्वपूर्ण रही। विदेश सचिव ने कहा कि इस यात्रा की शुरुआत ही एक विशेष संकेत के साथ हुई,जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर यूएई राष्ट्रपति का स्वागत किया। यह कदम दोनों नेताओं के बीच मौजूद गहरी गर्मजोशी और व्यक्तिगत स्तर के करीबी रिश्तों को दर्शाता है।
विक्रम मिसरी के अनुसार,एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री और यूएई राष्ट्रपति एक साथ प्रधानमंत्री आवास पहुँचे,जहाँ पहले सीमित स्तर पर और फिर बड़े फॉर्मेट में द्विपक्षीय बातचीत हुई। इन बैठकों में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी शामिल रहे और विभिन्न अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ,जो भविष्य के सहयोग की दिशा तय करेंगे।
विदेश सचिव ने यह भी कहा कि इस यात्रा का महत्व यूएई राष्ट्रपति के साथ आए प्रतिनिधिमंडल की संरचना से साफ झलकता है। प्रतिनिधिमंडल में अबू धाबी और दुबई दोनों के शाही परिवारों के सदस्य शामिल थे,साथ ही कई वरिष्ठ मंत्री और उच्च अधिकारी भी इस दौरे का हिस्सा थे। यह दर्शाता है कि यूएई भारत के साथ अपने रिश्तों को कितनी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ देखता है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग इस यात्रा का एक प्रमुख केंद्र बिंदु रहा। विक्रम मिसरी ने बताया कि वर्ष 2022 में भारत और यूएई के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत–यूएई व्यापार 100 बिलियन डॉलर के आँकड़ों को पार कर चुका है,जिसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस मजबूत प्रगति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने व्यापारिक लक्ष्यों को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। दोनों नेताओं ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। यह फैसला न केवल दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है,बल्कि वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत और यूएई की साझेदारी को और मजबूत करेगा।
इसके साथ ही दोनों देशों ने यह भी तय किया कि सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई सेक्टर के निर्यात को पश्चिम एशिया,अफ्रीका और यूरेशियाई क्षेत्रों में और अधिक आसान बनाया जाएगा। इससे भारतीय एमएसएमई को नए बाजार मिलेंगे,जबकि यूएई को गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसे दोनों देशों के बीच समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा भारत–यूएई रिश्तों में केवल आर्थिक या रणनीतिक नहीं,बल्कि विश्वास और पारिवारिक निकटता के स्तर पर भी एक नई मजबूती लेकर आई है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच वर्षों से चले आ रहे व्यक्तिगत संबंध अब दोनों देशों की नीतियों और साझेदारियों में स्पष्ट रूप से नजर आने लगे हैं।
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह यात्रा भारत–यूएई संबंधों के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। व्यापार,निवेश,रणनीतिक सहयोग और आपसी विश्वास के मजबूत आधार पर दोनों देश आने वाले वर्षों में एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साझेदारों के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं।
