अजित पवार विमान हादसा (तस्वीर क्रेडिट@RaghwendraMedia)

अजित पवार विमान हादसा: पुणे ग्रामीण पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट,जाँच में जुटीं डीजीसीए और एएआईबी की टीमें

पुणे,29 जनवरी (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान लेने वाले दर्दनाक विमान हादसे को लेकर जाँच प्रक्रिया तेज हो गई है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में इस हादसे के संबंध में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जाँच की जा रही है। यह मामला न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के लिए बेहद संवेदनशील है,क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ और प्रभावशाली राजनीतिक नेता की जान गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एडीआर दर्ज करने के बाद इस पूरे मामले को महाराष्ट्र आपराधिक जाँच विभाग (सीआईडी) को सौंपा जाएगा। सीआईडी आगे की जांच विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (एएआईबी) की रिपोर्ट और तकनीकी निष्कर्षों के आधार पर करेगी। अधिकारियों के अनुसार,जाँच का मकसद यह पता लगाना है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ,मानवीय चूक की वजह से या फिर किसी अन्य कारण से। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें मौके पर मौजूद हैं। दोनों एजेंसियाँ संयुक्त रूप से विमान के मलबे,उड़ान से जुड़े तकनीकी आँकड़ों,ब्लैक बॉक्स और अन्य जरूरी साक्ष्यों की जाँच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार,मौसम की स्थिति,विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री,पायलटों का अनुभव और उड़ान के अंतिम क्षणों के डेटा को भी खंगाला जा रहा है। जाँच एजेंसियों का कहना है कि निष्पक्ष और विस्तृत जाँच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।

इस बीच,अजित पवार की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गाँव काठेवाड़ी,बारामती में शुरू हो गई है। सुबह से ही गाँव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। अंतिम दर्शन के लिए पवार परिवार के फार्म हाउस पर बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और समर्थक जुटने लगे हैं। समर्थकों की भीड़ अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए दूर-दूर से पहुँच रही है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है,ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

अजित पवार को सुबह 11 बजे बारामती में मुखाग्नि दी जाएगी। अंतिम संस्कार से पहले पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अंतिम संस्कार की तैयारियाँ चल रही हैं,जहाँ राजनीतिक,सामाजिक और प्रशासनिक जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन स्थल पर प्रशासन की ओर से सभी जरूरी व्यवस्थाएँ की गई हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस,उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई वरिष्ठ मंत्री,सांसद,विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बारामती पहुँचने वाले हैं। राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है और उनके समर्थकों के बीच गहरा शोक है।

इस दुखद घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। शोक अवधि के दौरान राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इसके साथ ही सरकारी कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में सादगी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से यह फैसला अजित पवार के सार्वजनिक जीवन और राज्य के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार,यह हादसा वीएसआर वेंचर्स द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लीयरजेट 45 विमान के साथ हुआ। विमान का रजिस्ट्रेशन नंबर वीटी-एसएसके था। हादसे के समय विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अलावा एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर सवार थे,जिनमें एक पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) और एक सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) शामिल थे।

मृतकों की पहचान विदित जाधव और पिंकी माली के रूप में हुई है। पैसेंजर लिस्ट के मुताबिक,विमान के पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर थे,जबकि सेकंड-इन-कमांड की जिम्मेदारी शाम्भवी पाठक के पास थी। हादसे में सभी सवारों की मौत हो गई,जिससे यह दुर्घटना और भी ज्यादा दुखद बन गई है। प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

फिलहाल पूरे राज्य और देश की निगाहें जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। अजित पवार जैसे कद्दावर नेता की अचानक हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में डीजीसीए और एएआईबी की जाँच से यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के पीछे कौन से कारण जिम्मेदार थे। तब तक,बारामती से लेकर मुंबई और दिल्ली तक शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है,जहाँ लोग एक अनुभवी नेता को खोने का गम मना रहे हैं।