प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया मोड़: ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किया,प्रधानमंत्री मोदी ने जताया आभार

नई दिल्ली,3 फरवरी (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है। यह जानकारी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा की। इस फैसले को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस निर्णय का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया और इसे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि आज अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके अत्यंत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस फैसले को भारत की 140 करोड़ जनता के लिए एक शुभ समाचार बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ और सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं,तो इसका सीधा लाभ दोनों देशों के लोगों को मिलता है और पारस्परिक सहयोग के नए अवसर खुलते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वैश्विक शांति,स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत शांति के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में भी उनके साथ मिलकर काम करने तथा भारत-अमेरिका साझेदारी को अभूतपूर्व ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के इस बयान को दोनों देशों के बीच मजबूत होते राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में व्यापार,ऊर्जा, वैश्विक सुरक्षा और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच खुले और सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई,जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने लिखा कि आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना उनके लिए सम्मान की बात थी। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सबसे अच्छे मित्रों में से एक बताते हुए कहा कि वह अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। ट्रंप के इस बयान को व्यक्तिगत स्तर पर दोनों नेताओं के बीच मजबूत संबंधों का संकेत माना जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार,बातचीत के दौरान व्यापार के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस से तेल की खरीद को रोकने और अमेरिका तथा संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि इससे यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी,जहाँ हर सप्ताह हजारों निर्दोष लोगों की जान जा रही है। हालाँकि,इस दावे पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है,लेकिन इसे ऊर्जा और भू-राजनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध और दोनों नेताओं के बीच गहरी मित्रता के तहत भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। इसके साथ ही भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को चरणबद्ध तरीके से शून्य तक लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। ट्रंप के अनुसार,यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में यह कटौती भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। खासकर टेक्सटाइल,फार्मास्यूटिकल्स,ऑटो पार्ट्स,आईटी सेवाएँ और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी,जिससे भारत के निर्यात में वृद्धि हो सकती है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

वहीं अमेरिका के लिए भी यह समझौता रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है। टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं में कमी से अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश और व्यापार करने में आसानी होगी। इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,यह फैसला केवल आर्थिक नहीं बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। भारत और अमेरिका पहले ही रक्षा,तकनीक,अंतरिक्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। अब व्यापार क्षेत्र में यह नई पहल दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करेगी। वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत-अमेरिका साझेदारी को स्थिरता और संतुलन का एक अहम स्तंभ माना जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ घटाने का निर्णय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि दोनों देश आपसी विश्वास और सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में इस फैसले के आर्थिक,राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव देखने को मिलेंगे,लेकिन फिलहाल इसे भारत-अमेरिका संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।