कोलकाता,2 मार्च (युआईटीवी)- टीम इंडिया ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए अहम मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से शिकस्त दी। कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 196 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था,जिसे भारतीय टीम ने 19.2 ओवर में हासिल कर लिया। यह टी20 विश्व कप इतिहास में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी साबित हुआ,जिसने इस जीत को और खास बना दिया।
196 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बल्ले से कोई खास कमाल नहीं दिखा सके और महज 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके बाद ईशान किशन भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। उन्हें जेसन होल्डर ने सिर्फ 10 रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया। 41 रन के स्कोर पर दो अहम विकेट गिर जाने से भारतीय पारी दबाव में आ गई थी और वेस्टइंडीज की टीम मैच पर पकड़ बनाती नजर आ रही थी।
ऐसे मुश्किल समय में संजू सैमसन ने जिम्मेदारी सँभाली। उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 58 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को मैच में वापस ला दिया। सूर्यकुमार यादव ने 16 गेंदों में 18 रन बनाए,लेकिन वह अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। उनके आउट होने के बाद एक बार फिर भारत पर दबाव बढ़ा,लेकिन संजू सैमसन एक छोर से डटे रहे।
संजू सैमसन की यह पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास की यादगार पारियों में शुमार की जाएगी। उन्होंने आक्रामक अंदाज और संयम का बेहतरीन मिश्रण पेश करते हुए 97 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस शानदार इनिंग में उन्होंने 12 चौके और 4 छक्के जड़े। संजू ने न केवल रनगति को बनाए रखा,बल्कि बड़े शॉट्स के जरिए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार दबाव भी बनाए रखा। जब टीम को तेजी से रन चाहिए थे,तब उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
तिलक वर्मा ने भी अच्छी शुरुआत की थी। उन्होंने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर टीम को गति दी,लेकिन वह जेसन होल्डर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने 14 गेंदों में 17 रन बनाए,हालाँकि वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। अंत में शिवम दुबे ने 8 रन बनाकर संजू का अच्छा साथ दिया और भारत को जीत की दहलीज पार कराने में अहम भूमिका निभाई। 19.2 ओवर में लक्ष्य हासिल करते ही ईडन गार्डन्स में मौजूद दर्शक खुशी से झूम उठे।
इससे पहले वेस्टइंडीज की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 196 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। भारतीय गेंदबाजों के लिए शुरुआत आसान नहीं रही,लेकिन जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की। बुमराह ने चार ओवर में 36 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और रनगति पर अंकुश लगाने की कोशिश की। वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। हालाँकि,कैरेबियाई बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन जुटाकर भारत को बड़े लक्ष्य का सामना करने पर मजबूर किया।
यह जीत कई मायनों में खास रही। एक ओर जहाँ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत की,वहीं वेस्टइंडीज का सफर इस हार के साथ समाप्त हो गया। कैरेबियाई टीम ने पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष दिखाया,लेकिन निर्णायक मुकाबले में वह भारतीय टीम के सामने टिक नहीं सकी।
टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात संजू सैमसन का फॉर्म में आना है। बड़े मंच पर,दबाव भरे मुकाबले में उनकी यह पारी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देगी। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम अब सेमीफाइनल में पूरी लय और आत्मविश्वास के साथ उतरेगी। अगर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग इसी तरह संतुलित प्रदर्शन करते रहे,तो टीम इंडिया इस बार खिताब जीतने की प्रबल दावेदार बनकर उभरेगी।
ईडन गार्डन्स की ऐतिहासिक शाम ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को एक और यादगार जीत का तोहफा दिया है। अब सबकी नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ टीम इंडिया अपने विजयी अभियान को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
