मुंबई,6 मार्च (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा,जब भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान बुमराह ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 500 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह 500 अंतर्राष्ट्रीय विकेट लेने वाले भारत के आठवें गेंदबाज बन गए हैं।
बुमराह ने यह मुकाम इंग्लैंड की पारी के पाँचवें ओवर में हासिल किया। अपने स्पेल की पहली ही गेंद पर उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट कर इतिहास रच दिया। जैसे ही ब्रूक का विकेट गिरा,पूरा वानखेड़े स्टेडियम तालियों की गूँज से भर गया और भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने इस स्टार गेंदबाज को बधाई दी।
23 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले बुमराह ने पिछले एक दशक में भारतीय गेंदबाजी की पहचान को नई ऊँचाई दी है। अपने अनोखे एक्शन,सटीक यॉर्कर और दबाव में भी शानदार गेंदबाजी के कारण वह दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। डेब्यू के बाद से उन्होंने लगातार तीनों फॉर्मेट—टेस्ट,वनडे और टी20 में भारत के लिए मैच जिताने वाले प्रदर्शन किए हैं।
भारत के लिए 500 अंतर्राष्ट्रीय विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अब बुमराह का नाम भी शामिल हो गया है। उनसे पहले यह उपलब्धि महान स्पिनर अनिल कुंबले,अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन,दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह,महान ऑलराउंडर कपिल देव,स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा,तेज गेंदबाज जहीर खान और जवागल श्रीनाथ हासिल कर चुके हैं। इन सभी दिग्गजों की सूची में शामिल होना बुमराह के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अगर बुमराह के अंतर्राष्ट्रीय करियर के आँकड़ों पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। 32 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सटीक लाइन-लेंथ और रिवर्स स्विंग ने उन्हें भारत का प्रमुख हथियार बना दिया है। इसके अलावा 89 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 149 विकेट हासिल किए हैं,जहाँ डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए हमेशा मुश्किल साबित होती है। टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी बुमराह का दबदबा कायम है और 94 मैचों में उनके नाम 117 विकेट दर्ज हैं।
इन तीनों फॉर्मेट के आँकड़ों को जोड़ने पर बुमराह के कुल विकेटों की संख्या 500 तक पहुँच गई है,जो उनकी निरंतरता और फिटनेस का बड़ा प्रमाण है। तेज गेंदबाजों के लिए इतने लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में प्रभावी बने रहना आसान नहीं होता,लेकिन बुमराह ने अपनी मेहनत और तकनीक से यह साबित कर दिया कि वह आधुनिक दौर के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी बुमराह का प्रदर्शन शानदार रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभाई है। सेमीफाइनल से पहले खेले गए छह मुकाबलों में उन्होंने नौ विकेट हासिल किए थे। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ ही उनके विकेटों की संख्या 10 तक पहुँच गई।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बुमराह पहले ही भारत के सबसे सफल गेंदबाज बन चुके हैं। उनकी सटीक यॉर्कर,धीमी गेंदें और डेथ ओवरों में शानदार नियंत्रण उन्हें इस फॉर्मेट में बेहद खतरनाक बनाता है। यही कारण है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी टीमें भी उनके खिलाफ सावधानी से बल्लेबाजी करती हैं।
अब बुमराह के पास एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका था। अगर वह इंग्लैंड के खिलाफ इस सेमीफाइनल मुकाबले में चार विकेट हासिल कर लेते,तो वह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी तेज गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते थे। फिलहाल यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज एनरिच नॉर्टजे के नाम दर्ज है।
भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह उपलब्धि बेहद गर्व का क्षण है। पिछले कुछ वर्षों में बुमराह ने कई बार कठिन परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई है और बड़े मैचों में उनका प्रदर्शन हमेशा यादगार रहा है। वानखेड़े में हासिल किया गया यह 500 विकेटों का ऐतिहासिक आँकड़ा उनके शानदार करियर का एक और चमकदार अध्याय बन गया है।
जिस तरह से बुमराह लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं,उससे यह साफ है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के कई और बड़े मुकाम अपने नाम कर सकते हैं। फिलहाल पूरा देश अपने इस स्टार तेज गेंदबाज की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहा है।
