अजिंक्य रहाणे और कैमरून ग्रीन (तस्वीर क्रेडिट@Cricsam01)

आईपीएल 2026: ग्रीन की गेंदबाजी ना करने पर उठे सवाल,रहाणे ने कहा- जवाब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछें; केकेआर की हार पर मंथन तेज

मुंबई,30 मार्च (युआईटीवी)- आईपीएल 2026 के दूसरे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को मुंबई इंडियंस के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला भले ही बल्लेबाजी के लिहाज से शानदार रहा हो,लेकिन केकेआर की गेंदबाजी और टीम संयोजन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन को लेकर उठा,जिन्होंने इस मैच में गेंदबाजी नहीं की। इस मुद्दे पर कप्तान अजिंक्य रहाणे का बयान भी चर्चा का विषय बन गया है।

मैच के बाद जब ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने को लेकर सवाल पूछा गया,तो रहाणे ने सीधे तौर पर इसका जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस बारे में जवाब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछा जाना चाहिए। उनका यह बयान इस ओर इशारा करता है कि ग्रीन की गेंदबाजी को लेकर कोई फिटनेस या प्रबंधन से जुड़ा कारण हो सकता है। रहाणे ने हालाँकि यह उम्मीद जताई कि ग्रीन जल्द ही गेंदबाजी शुरू करेंगे,जिससे टीम के गेंदबाजी आक्रमण में संतुलन आएगा।

कैमरून ग्रीन को केकेआर ने इस सीजन के लिए 25.20 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर खरीदा था,ऐसे में उनसे ऑलराउंड प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस मुकाबले में उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए नंबर तीन पर उतरकर 10 गेंदों में 18 रन बनाए,जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था,लेकिन गेंदबाजी में उनकी अनुपस्थिति ने टीम के संतुलन को प्रभावित किया,जिसका खामियाजा केकेआर को हार के रूप में भुगतना पड़ा।

दरअसल,केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 220 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था,जो किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है,लेकिन मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को बेहद सहजता से हासिल कर लिया। केकेआर के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में पूरी तरह नाकाम रहे और यही टीम की हार का सबसे बड़ा कारण बना।

गेंदबाजी की बात करें तो केकेआर का कोई भी गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहा। वैभव अरोड़ा काफी महँगे साबित हुए और उन्होंने अपने 4 ओवर में 52 रन खर्च कर दिए, जबकि केवल एक विकेट हासिल किया। इसी तरह ब्लेसिंग मुजारबानी ने 3 ओवर में 34 रन दिए और कोई विकेट नहीं ले सके।

टीम के प्रमुख स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी इस मैच में प्रभावी नहीं दिखे। उन्होंने 4 ओवर में 48 रन खर्च किए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उनकी इकोनॉमी रेट 10.80 रही,जो टी20 फॉर्मेट में काफी ज्यादा मानी जाती है। अनुभवी ऑलराउंडर सुनील नरेन ने 3 ओवर में 30 रन देकर एक विकेट जरूर लिया,लेकिन वह भी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था। कार्तिक त्यागी ने भी 43 रन देकर एक विकेट लिया,लेकिन उनका प्रदर्शन भी महँगा रहा।

जहाँ गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा,वहीं केकेआर के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने एक जिम्मेदार पारी खेलते हुए 40 गेंदों में 67 रन बनाए। उनकी इस पारी में 3 चौके और 5 छक्के शामिल थे,जिससे टीम को मजबूत स्कोर बनाने में मदद मिली। युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने भी प्रभावित किया और 29 गेंदों में 51 रन की तेज पारी खेली।

इसके अलावा फिन एलन ने भी आक्रामक शुरुआत दी और 17 गेंदों में 37 रन बनाए। पारी के अंतिम चरण में रिंकू सिंह ने 21 गेंदों में नाबाद 33 रन बनाकर टीम को 220 के बड़े स्कोर तक पहुँचाया।

हालाँकि,इतने मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी, जिससे यह साफ हो गया कि टी20 क्रिकेट में संतुलित प्रदर्शन कितना जरूरी है। रहाणे ने भी मैच के बाद यही बात कही कि बल्लेबाजी अच्छी रही,लेकिन गेंदबाजी में संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन की गेंदबाजी का न होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। यदि वह कुछ ओवर डालते,तो टीम को एक अतिरिक्त विकल्प मिलता और गेंदबाजी में विविधता आती। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ग्रीन गेंदबाजी करते हैं या नहीं और टीम अपने संयोजन में क्या बदलाव करती है।

यह मुकाबला केकेआर के लिए एक सीख लेकर आया है कि केवल बल्लेबाजी के दम पर मैच नहीं जीते जा सकते। टीम को गेंदबाजी में भी उतना ही मजबूत होना होगा। वहीं,ग्रीन की भूमिका को लेकर भी स्पष्टता जरूरी है,ताकि टीम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सके और आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर सके।