अजिंक्य रहाणे (तस्वीर क्रेडिट@Shashank872694)

आईपीएल 2026: केकेआर की हार के बाद रहाणे का पलटवार,स्ट्राइक रेट पर उठे सवालों का दिया करारा जवाब

कोलकाता,3 अप्रैल (युआईटीवी)- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ),2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स की लगातार दूसरी हार के बाद टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया,जिसके बाद रहाणे की बल्लेबाजी और उनके स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचनाएँ तेज हो गईं। हालाँकि,मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रहाणे ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए साफ कहा कि उन्हें अपने खेल और प्रदर्शन पर पूरा भरोसा है।

इस मुकाबले में रहाणे का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा। उन्होंने 10 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 8 रन बनाए और टीम को एक मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहे। इससे पहले मुंबई इंडियंस के खिलाफ सीजन के पहले मैच में उन्होंने 40 गेंदों में 67 रन की शानदार पारी खेली थी,लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनका प्रदर्शन टीम के लिए निराशाजनक साबित हुआ।

रहाणे की इस धीमी पारी के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच उनके स्ट्राइक रेट को लेकर बहस छिड़ गई। कई आलोचकों ने सवाल उठाए कि क्या टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में उनकी बल्लेबाजी शैली टीम के लिए सही है। इन सवालों का जवाब देते हुए रहाणे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका स्ट्राइक रेट 2023 से अब तक सबसे बेहतर रहा है और जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं,वे शायद मैच को सही तरीके से नहीं देख रहे।

रहाणे ने कहा कि आलोचना करने वालों का या तो खेल के प्रति नजरिया अलग है या फिर उनके खिलाफ कोई व्यक्तिगत एजेंडा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को उनका खेलना पसंद नहीं है और उन्हें लगता है कि उनकी सफलता से लोग जलते हैं। रहाणे के इस बयान ने साफ कर दिया कि वह आलोचनाओं से प्रभावित होने वाले खिलाड़ी नहीं हैं और अपने खेल को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हर बल्लेबाज के करियर में ऐसे मौके आते हैं,जब उसे लय नहीं मिल पाती। यह खेल का हिस्सा है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। रहाणे के मुताबिक उनका इरादा सही था,लेकिन कभी-कभी परिस्थितियाँ साथ नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी बल्लेबाजी शैली को लेकर सवाल उठा रहे हैं,वे शायद चाहते हैं कि वह अलग तरह से खेलें,लेकिन वह अपने तरीके से खेलना पसंद करते हैं।

इस मैच की बात करें तो सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 226 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 227 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 ओवर में 161 रन पर ही सिमट गई। टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई भी खिलाड़ी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सका।

रहाणे ने मैच के बाद कहा कि वह आलोचनाओं से ज्यादा परेशान नहीं हैं और उन्हें अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि वह दूसरों की बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल पर फोकस करते हैं। रहाणे के अनुसार,उन्हें पता है कि उन्होंने अतीत में क्या हासिल किया है और भविष्य में भी वह बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

केकेआर के लिए यह हार इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि टीम को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में कप्तान के तौर पर रहाणे पर जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह टीम को जीत की राह पर वापस लाएँ। हालाँकि,उनका आत्मविश्वास इस बात का संकेत देता है कि वह दबाव में भी शांत रहकर टीम का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट का महत्व बेहद ज्यादा होता है,लेकिन साथ ही अनुभव और स्थिरता भी उतनी ही जरूरी होती है। रहाणे जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम को संतुलन देने का काम करते हैं,भले ही उनका खेल थोड़ा अलग शैली का हो।

फिलहाल केकेआर के सामने चुनौती है कि वह अपनी गलतियों से सीखते हुए अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करे। वहीं रहाणे के लिए यह जरूरी होगा कि वह बल्ले से भी टीम के लिए योगदान दें और आलोचकों को अपने प्रदर्शन से जवाब दें।

आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर मैच के बाद खिलाड़ियों पर नजर रहती है और छोटी-छोटी गलतियाँ भी चर्चा का विषय बन जाती हैं। ऐसे में रहाणे का यह बयान यह दर्शाता है कि वह मानसिक रूप से मजबूत हैं और आलोचनाओं का सामना करने के लिए तैयार हैं। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने प्रदर्शन से किस तरह जवाब देते हैं और केकेआर को जीत की पटरी पर वापस लाने में कितना सफल होते हैं।