नई दिल्ली,10 अप्रैल (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया विफल होती है,तो युद्ध का बड़ा रूप सामने आ सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है,जब हालिया झड़पों और दोनों पक्षों के बीच नाजुक संघर्ष विराम के बाद तनाव अभी भी चरम पर है।
ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अगर राजनयिक वार्ताओं से कोई स्थायी समझौता नहीं होता है,तो अमेरिका निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखना ईरान की अंतर्राष्ट्रीय अपेक्षाओं,विशेष रूप से सुरक्षा संबंधी चिंताओं और क्षेत्रीय स्थिरता के संबंध में,अनुपालन करने की तत्परता पर निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार,अमेरिकी सेना सतर्क है और स्थिति बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
इस चेतावनी ने वैश्विक चिंताएँ बढ़ा दी हैं,क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी नए संघर्ष के मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक प्रमुख कारक होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व है,जो अंतर्राष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस क्षेत्र में व्यवधान से ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं और भू-राजनीतिक अस्थिरता में वृद्धि हो सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय नेताओं और संगठनों ने आगे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरतने और निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं,इस उम्मीद के साथ कि वार्ता से एक स्थायी शांति समझौता हो सकेगा। हालाँकि,विश्लेषकों का कहना है कि स्थिति अभी भी अनिश्चित है और आने वाले दिन यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कूटनीति सफल होती है या संघर्ष फिर से शुरू होता है।
