आयुष शेट्टी (तस्वीर क्रेडिट@BadmintonJust)

आयुष शेट्टी का बड़ा धमाका,विश्व नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को हराकर एशिया चैंपियनशिप सेमीफाइनल में पहुँचकर रचा इतिहास

निंगबो,11 अप्रैल (युआईटीवी)- भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में ऐसा प्रदर्शन किया है,जिसने पूरे खेल जगत को चौंका दिया है। निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में आयुष ने इंडोनेशिया के दिग्गज और दुनिया के नंबर-4 खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेमों में हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने न केवल बड़ा उलटफेर किया,बल्कि अपने करियर का पहला बड़ा अंतर्राष्ट्रीय पदक भी सुनिश्चित कर लिया है।

यह मुकाबला 23-21, 21-17 के स्कोर के साथ आयुष के नाम रहा। खास बात यह है कि क्रिस्टी के खिलाफ यह उनकी पहली जीत है,जो इसे और भी खास बनाती है। इससे पहले भारतीय पुरुष एकल में 2018 में एचएस प्रणय ने एशिया चैंपियनशिप में पदक पक्का किया था और अब आयुष ने यह उपलब्धि हासिल कर भारतीय बैडमिंटन में नई उम्मीदें जगा दी हैं।

मैच की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। किसी भी खिलाड़ी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिल रही थी। ब्रेक तक जोनाथन क्रिस्टी ने 11-10 की मामूली बढ़त बना ली थी। ब्रेक के बाद क्रिस्टी ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए खेल पर नियंत्रण करने की कोशिश की और स्कोर को 18-15 तक पहुँचा दिया। यहाँ तक कि उन्होंने गेम प्वाइंट भी हासिल कर लिया था,जिससे लग रहा था कि पहला गेम उनके नाम जाएगा।

लेकिन आयुष शेट्टी ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने दबाव में शानदार वापसी की और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले को 20-20 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद टाई-ब्रेक जैसी स्थिति में आयुष ने धैर्य और आक्रामक खेल का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 23-21 से पहला गेम अपने नाम कर लिया। यह गेम पूरे मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

दूसरे गेम में भी मुकाबला कम रोमांचक नहीं था। दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते रहे। हालाँकि,इस बार आयुष ने शुरुआत से ही थोड़ी बढ़त बनाए रखी। ब्रेक तक वह 11-9 से आगे थे। इसके बाद उन्होंने अपने खेल में और निखार लाते हुए आक्रामक स्मैश और सटीक ड्रॉप शॉट्स के जरिए बढ़त को कायम रखा। क्रिस्टी ने वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन आयुष ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-17 से दूसरा गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

इस जीत का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह 2023 में पुरुष युगल में चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के स्वर्ण पदक के बाद भारत के लिए इस प्रतियोगिता का पहला पदक होगा। आयुष की यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय बैडमिंटन में नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है और बड़े मंच पर खुद को साबित कर रही है।

अब सेमीफाइनल में आयुष का मुकाबला थाईलैंड के स्टार खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसार्न और चीन के वेंग होंगयांग के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। विटिडसार्न पेरिस ओलंपिक 2024 के रजत पदक विजेता हैं,ऐसे में सेमीफाइनल मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। हालाँकि,जिस आत्मविश्वास के साथ आयुष खेल रहे हैं,उसे देखते हुए उनसे एक और बड़े उलटफेर की उम्मीद की जा सकती है।

इस टूर्नामेंट में आयुष का सफर भी काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने पहले राउंड में दुनिया के नंबर-7 और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन ली शि फेंग को हराकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। इसके बाद उन्होंने चीनी ताइपे के ची यू जेन को मात देकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और फिर क्रिस्टी को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गए।

जहाँ एक तरफ आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया,वहीं भारतीय बैडमिंटन के कुछ बड़े नाम इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का सफर दूसरे दौर में ही समाप्त हो गया,जबकि युवा स्टार लक्ष्य सेन पहले राउंड में ही बाहर हो गए।

आयुष शेट्टी की यह जीत न केवल उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है,बल्कि भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। अगर वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं,तो वह आने वाले समय में विश्व स्तर पर भारत के लिए बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ आयुष एक और इतिहास रचने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।