मथुरा में यमुना नदी हादसे में 11 की मौत (तस्वीर क्रेडिट@realBhushanji)

मथुरा में यमुना नदी हादसे में 11 की मौत,श्रद्धालुओं की नाव पलटने से मचा हड़कंप

मथुरा,11 अप्रैल (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। श्रद्धालुओं से भरी एक नाव के पलट जाने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। यह घटना उस समय हुई,जब पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालु यमुना नदी में नौका विहार कर रहे थे। हादसे के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बना हुआ है।

घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2:45 बजे केसी घाट के पास हुई,जो मथुरा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। जिला प्रशासन के अनुसार,लुधियाना से आए लगभग 30 श्रद्धालु दो नावों में सवार होकर यमुना में सैर कर रहे थे। इसी दौरान एक नाव पीपा पुल से टकरा गई और संतुलन बिगड़ने के कारण पलट गई। नाव के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई लोग नदी में गिर गए।

जिला मजिस्ट्रेट सीपी सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर पुलिस,जिला प्रशासन और गोताखोरों की कई टीमें तैनात की गईं। बचाव दल ने तुरंत नदी में कूदकर लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। अब तक कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है,जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।

इस हादसे में घायल हुए 21 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण भी घटनास्थल पर पहुँचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने बताया कि सरकार इस दुखद घटना से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर जरूरी मदद दी जाएगी।

प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया है कि नाव का संतुलन बिगड़ने के पीछे पीपा पुल से टकराना एक मुख्य कारण रहा। हालाँकि,प्रशासन ने इस पूरे मामले की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए हैं,ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना नदी में अक्सर श्रद्धालु नौका विहार के लिए आते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का हमेशा पालन नहीं किया जाता। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आगे से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह हादसा न केवल मथुरा,बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी त्रासदी के रूप में सामने आया है। धार्मिक आस्था के चलते आए श्रद्धालुओं के साथ हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर केंद्रित है और लापता लोगों की तलाश जारी है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है। जब तक पूरी जाँच पूरी नहीं हो जाती,तब तक यह सवाल बना रहेगा कि आखिर इस हादसे को रोका क्यों नहीं जा सका।