सात्विकसाइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी

थॉमस कप में भारत की दमदार शुरुआत,कनाडा को 4-1 से हराकर बढ़ाया जीत का सिलसिला

हॉर्सेंस (डेनमार्क), 25 अप्रैल (युआईटीवी)- डेनमार्क के हॉर्सेंस में खेले जा रहे थॉमस और उबर कप फाइनल्स बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत की पुरुष टीम ने शानदार आगाज करते हुए अपने पहले ग्रुप मुकाबले में कनाडा को 4-1 से हराया। साल 2022 में खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने एक बार फिर अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि वह इस बार भी मजबूत दावेदारी पेश करने के लिए तैयार है। हालाँकि,मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही,लेकिन बाद के मैचों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को शानदार जीत दिलाई।

पहले मैच में भारत के स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन को कनाडा के खिलाड़ी विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य ने मुकाबले की शुरुआत शानदार तरीके से की और पहले गेम में 21-18 से जीत हासिल की। इस दौरान उन्होंने बेहतरीन नियंत्रण और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पहले गेम के मध्यांतर तक वह 11-6 की बढ़त बना चुके थे और धीरे-धीरे उन्होंने इसे 14-10 तक पहुँचा दिया। हालाँकि,मुकाबले के अंतिम क्षणों में विक्टर लाई ने वापसी की कोशिश की,लेकिन लक्ष्य ने अपनी शुरुआती बढ़त को बनाए रखते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में मुकाबला पूरी तरह बदल गया। कनाडा के खिलाड़ी ने आक्रामक अंदाज अपनाया और बेहतर रणनीति के साथ खेलते हुए 21-19 से जीत दर्ज की। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में भी विक्टर लाई ने दबदबा बनाए रखा और 21-10 से जीत हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ भारत 0-1 से पीछे हो गया,जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था।

हालाँकि,इसके बाद भारत की अनुभवी पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में वापसी कराई। उन्होंने कनाडा के जोनाथन बिंग त्सान लाई और केविन ली की जोड़ी को सीधे गेम में 21-10 और 21-11 से हराकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। इस जीत ने न केवल टीम का मनोबल बढ़ाया,बल्कि मुकाबले का रुख भी पूरी तरह बदल दिया।

इसके बाद तीसरे मैच में आयुष शेट्टी ने शानदार खेल दिखाते हुए कनाडा के ब्रायन यांग को हराया। आयुष ने यह मुकाबला 39 मिनट में 21-13 और 21-17 से जीतकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। उनका प्रदर्शन पूरे मैच के दौरान संतुलित और आत्मविश्वास से भरा हुआ रहा,जिससे टीम को अहम बढ़त मिली।

चौथे मुकाबले में भारत की दूसरी युगल जोड़ी हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लिंडमैन और याकुरा की जोड़ी को 21-7 और 21-15 से हराकर भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने मुकाबले में अजेय बढ़त हासिल कर ली और जीत लगभग सुनिश्चित हो गई।

अंतिम और पाँचवें मैच में अनुभवी खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जोशुआ गुयेन को 21-17 और 21-12 से हराकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। श्रीकांत ने केवल 31 मिनट में यह मुकाबला जीतकर दिखा दिया कि अनुभव और तकनीक का सही संयोजन कैसे मैच को एकतरफा बना सकता है।

इस जीत के साथ भारत ने अपने ग्रुप में मजबूत शुरुआत की है और टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। शुरुआती हार के बावजूद जिस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की,वह टीम की गहराई और संतुलन को दर्शाता है। खासकर युगल मुकाबलों में भारत का दबदबा साफ नजर आया,जिसने जीत की नींव रखी।

अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा। इस मुकाबले में भी टीम से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि खिलाड़ी अपनी लय को बनाए रखते हैं, तो भारत के लिए आगे का रास्ता और मजबूत हो सकता है।

थॉमस कप में भारत की यह जीत न केवल एक शानदार शुरुआत है,बल्कि यह संकेत भी है कि टीम इस बार भी खिताब की दौड़ में पूरी तरह से तैयार है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, रणनीति और सामूहिक प्रदर्शन इस जीत की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है,जो आगे के मुकाबलों में भी निर्णायक साबित हो सकता है।