वाशिंगटन,28 अप्रैल (युआईटीवी)- व्हाइट हाउस संवाददाताओं के रात्रिभोज में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी राजनीति और मीडिया जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बार विवाद की वजह सुरक्षा चूक नहीं,बल्कि एक टीवी शो में किया गया मजाक है,जिसने सीधे तौर पर राष्ट्रपति और उनके परिवार को निशाने पर लिया। अमेरिकी टीवी होस्ट और कॉमेडियन जिमी किमेल के एक पुराने मोनोलॉग को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। प्रथम महिला ने किमेल को “कायर” तक कह दिया,जबकि राष्ट्रपति ने खुलकर मांग की कि उन्हें तुरंत उनके पद से हटा दिया जाए।
दरअसल यह पूरा विवाद पिछले हफ्ते प्रसारित हुए लोकप्रिय टॉक शो जिमी किमेल लाइव के एक एपिसोड से जुड़ा है। इस एपिसोड में किमेल ने अपने खास अंदाज में व्यंग्य और कॉमेडी के जरिए व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने प्रथम महिला पर टिप्पणी करते हुए ऐसा बयान दे दिया,जिसे ट्रंप परिवार ने बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक माना। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,किमेल ने मंच से कहा कि “हमारी प्रथम महिला यहाँ हैं,आप बेहद खूबसूरत लग रही हैं, जैसे कोई गर्भवती विधवा हों।” इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी।
यह पहली बार नहीं है,जब किमेल ने ट्रंप परिवार पर कटाक्ष किया हो। इससे पहले भी वह राष्ट्रपति के निजी संबंधों और विवादों को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियाँ कर चुके हैं। उन्होंने एक बार ट्रंप और जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का जिक्र करते हुए भी व्यंग्य किया था,जिसे लेकर पहले भी बहस छिड़ चुकी है। किमेल का यह अंदाज उनके शो की पहचान रहा है,लेकिन इस बार मामला सीधे व्यक्तिगत टिप्पणी तक पहुँच गया,जिससे विवाद और गहरा गया।
प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किमेल पर “घृणित और हिंसक बयानबाजी” का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका मकसद देश को बाँटना है। उन्होंने लिखा कि उनके परिवार के बारे में किया गया यह भाषण किसी भी तरह से कॉमेडी नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार,इस तरह के शब्द न केवल व्यक्तिगत रूप से आहत करते हैं,बल्कि देश में पहले से मौजूद राजनीतिक विभाजन को और गहरा करते हैं। मेलानिया ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को हर शाम लोगों के घरों तक पहुँचकर नफरत फैलाने का मंच नहीं मिलना चाहिए।
मेलानिया ट्रंप ने सीधे तौर पर एबीसी नेटवर्क पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर कब तक वह इस तरह के व्यवहार को सहन करेगा। उन्होंने कहा कि किमेल जैसे लोग नेटवर्क के पीछे छिपकर काम करते हैं,क्योंकि उन्हें पता है कि चैनल उनका बचाव करेगा। उन्होंने इसे “बहुत हो गया” बताते हुए एबीसी से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस विवाद में हस्तक्षेप किया और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि किमेल की टिप्पणियाँ न केवल अपमानजनक हैं,बल्कि हिंसा को भड़काने वाली भी हैं। ट्रंप ने लिखा कि आम तौर पर वह इस तरह की बातों पर प्रतिक्रिया नहीं देते,लेकिन इस बार मामला हद से ज्यादा गंभीर है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि डिज्नी और एबीसी को तुरंत कार्रवाई करते हुए किमेल को बर्खास्त कर देना चाहिए।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है,जब अमेरिका में राजनीतिक बयानबाजी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस पहले से ही तेज है। ट्रंप प्रशासन के आलोचक लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि सत्ता पक्ष भी कई बार आक्रामक और विवादित भाषा का इस्तेमाल करता रहा है। ऐसे में किमेल विवाद ने इस बहस को और हवा दे दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी किमेल को लेकर विवाद हो चुका है। पिछले साल एबीसी ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था,जब एक सरकारी अधिकारी ने उनके चुटकुलों पर आपत्ति जताई थी। उस समय भी इस फैसले को लेकर व्यापक बहस हुई थी और कई लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया था। हालांकि बाद में चैनल ने उन्हें फिर से काम पर वापस बुला लिया था।
ताजा विवाद ने एक बार फिर मीडिया,राजनीति और अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर ट्रंप परिवार इसे व्यक्तिगत हमले और नफरत फैलाने वाली टिप्पणी मान रहा है,वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे कॉमेडी और व्यंग्य की अभिव्यक्ति का हिस्सा बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि एबीसी इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या किमेल के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
