चेन्नई,28 अप्रैल (युआईटीवी)- तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत में एक साथ सक्रिय अभिनेता-राजनेता जोसेफ विजय ने मंगलवार सुबह प्रसिद्ध तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में पूजा-अर्चना कर एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरी हैं। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की वोटिंग समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद उनकी यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इसे राजनीतिक संकेतों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विजय सुबह भोर में पारंपरिक रेशमी धोती पहनकर मंदिर पहुँचे,जहाँ उन्होंने विश्वरूप दर्शन में भाग लिया। यह अनुष्ठान भगवान मुरुगन के भक्तों के बीच अत्यंत शुभ माना जाता है। मंदिर प्रशासन ने उनके आगमन पर उन्हें औपचारिक शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विजय ने भगवान मुरुगन के साथ-साथ वल्ली,देवनाई,शनमुगर,दक्षिणामूर्ति,पेरुमल और चतुर्संहारा को समर्पित विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धा के साथ प्रार्थना की।
उनकी यह यात्रा ऐसे समय पर हुई है,जब उन्होंने हाल ही में अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेट्टी कज़गम की शुरुआत की है और 2026 के विधानसभा चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लिया है। विजय ने पेरम्बूर और तिरुची पूर्व जैसे दो महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा है। चुनाव प्रचार और मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वह पार्टी नेताओं के साथ लगातार रणनीतिक बैठकों और आंतरिक विचार-विमर्श में जुटे हुए हैं।
विजय सोमवार देर रात चेन्नई से निजी विमान के जरिए मदुरै पहुँचे थे,जहाँ आधी रात के बावजूद बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक और पार्टी कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। यह दृश्य उनकी लोकप्रियता और बढ़ती राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है। इसके बाद वह सड़क मार्ग से तिरुचेंदूर के लिए रवाना हुए और सुबह-सुबह मंदिर पहुँचकर पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर में भी उनके पहुँचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक जुट गए। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए,जिससे साफ होता है कि उनकी लोकप्रियता चुनावी मैदान से परे भी लगातार बनी हुई है। इस दौरान उनकी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य,जिनमें महासचिव आनंद और रूट प्रोडक्शंस के अध्यक्ष जगदीश शामिल थे,भी उनके साथ मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं थी, बल्कि संगठनात्मक रूप से भी अहम थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के तुरंत बाद इस तरह की धार्मिक यात्रा से विजय अपने समर्थकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की रणनीति के संकेत भी दे रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का हमेशा से महत्व रहा है,ऐसे में विजय का यह कदम उनके राजनीतिक करियर के अगले चरण की ओर इशारा करता है।
दर्शन के बाद विजय तूतुकुड़ी हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए,जहाँ से वह निजी विमान के जरिए चेन्नई लौटने वाले हैं। उनकी इस यात्रा ने राजनीतिक और सार्वजनिक दोनों ही हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अभिनेता से नेता बने विजय तमिलनाडु की राजनीति में किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और उनकी पार्टी क्या भूमिका निभाती है।
