एस जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री से मुलाकात की (तस्वीर क्रेडिट@DrSJaishankar)

भारत-इक्वाडोर संबंधों को नई मजबूती,विदेश मंत्रियों की बैठक में सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली,29 अप्रैल (युआईटीवी)- भारत और इक्वाडोर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार,कृषि,स्वास्थ्य,डिजिटल क्षेत्र और क्षमता निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है,जब भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग का संकेत माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि इक्वाडोर की विदेश मंत्री अपने पहले भारत दौरे पर आई हैं और उनका स्वागत करना भारत के लिए खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है और बहुपक्षीय मंचों पर भी मिलकर काम करने का निर्णय लिया है।

इस दौरान एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग को लेकर समझौता भी किया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने इसे भारत और इक्वाडोर के बीच विकास साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। इस समझौते के तहत छोटे लेकिन प्रभावी परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा,जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी और लोगों को सीधे लाभ पहुंचेगा।

इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो की यह तीन दिवसीय भारत यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है। बुधवार सुबह नई दिल्ली पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला बताया है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है,जिससे भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

इस मुलाकात के दौरान भारत ने इक्वाडोर के उस फैसले का भी स्वागत किया,जिसमें उसने भारत के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि इक्वाडोर पहले से ही डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बने वैश्विक गठबंधन का सदस्य है,जो प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देता है।

इक्वाडोर की विदेश मंत्री ने अपने दौरे के दौरान राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दौरा भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने पुष्प अर्पित कर गांधी जी के विचारों और उनके योगदान को याद किया। यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करता है।

भारत और इक्वाडोर के संबंधों को मजबूत करने के प्रयास पिछले कुछ समय से लगातार जारी हैं। पिछले वर्ष नवंबर में भारत के एक वरिष्ठ मंत्री ने इक्वाडोर का दौरा किया था,जहाँ उन्होंने वहाँ के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ अजिन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने और विविधता लाने पर चर्चा हुई थी। यह दौरा भी दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक था।

इसी क्रम में दोनों देशों के बीच कृषि,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,साइबर सुरक्षा,शिक्षा,प्रशिक्षण,संस्कृति,पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में साझेदारी से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी,बल्कि तकनीकी और ज्ञान के आदान-प्रदान से दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ भी मिलेगा।

दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत राजनयिकों के प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने पर जोर दिया जाएगा,जिससे दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध और अधिक मजबूत हो सकेंगे। इसके अलावा इक्वाडोर की राजधानी क्विटो में भारत के स्थायी दूतावास का उद्घाटन भी हाल ही में किया गया,जो इस साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इक्वाडोर के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक पहुँच को और मजबूत करेगा। लैटिन अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को विस्तार देने की रणनीति के तहत यह साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं,इक्वाडोर के लिए भी भारत के साथ सहयोग आर्थिक और तकनीकी विकास के नए अवसर लेकर आएगा।

विदेश मंत्री स्तर की यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं है,बल्कि यह भारत और इक्वाडोर के बीच दीर्घकालिक सहयोग की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए कई नए अवसर लेकर आ सकती है और वैश्विक मंच पर उनकी भूमिका को और प्रभावशाली बना सकती है।