जमैका दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अहम बैठक (तस्वीर क्रेडिट@DrSJaishankar)

जमैका दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अहम बैठक,शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और व्यापार तक कई मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली,5 मई (युआईटीवी)- भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर इन दिनों अपने कैरेबियाई दौरे पर हैं,जहाँ उन्होंने जमैका में अपने समकक्ष कामिना जे स्मिथ के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात को भारत और जमैका के बीच बढ़ते संबंधों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,डिजिटल तकनीक और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए बताया कि यह बैठक दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही कृषि और डिजिटल क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने पर भी विचार किया गया,ताकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल सके।

बैठक के दौरान पर्यटन,खेल और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को बढ़ाने की दिशा में चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इसके अलावा,इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर दोनों नेताओं ने सहमति जताई। बहुपक्षीय मंचों पर भी एक-दूसरे का समर्थन करने और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने जमैका के उद्योग और व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ भी मुलाकात की। उन्होंने इस बैठक में कहा कि आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में भरोसेमंद साझेदारों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जमैका के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की जरूरत है,ताकि दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर भी सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए।

इस बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत की ओर से जमैका को दस ‘भीष्म क्यूब’ भेंट किए गए। यह अत्याधुनिक मोबाइल अस्पताल प्रणाली आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से तैनात की जा सकती है। इस पहल को दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। इन क्यूब्स के जरिए जमैका को आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में मजबूती मिलेगी,जिससे वहाँ के लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इस मौके पर जमैका के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही,जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस पहल को दोनों देशों द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। ‘भीष्म क्यूब’ को आधुनिक तकनीक और नवाचार का उदाहरण बताते हुए जयशंकर ने कहा कि यह भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है,जिसमें वह अपने मित्र देशों के साथ संकट के समय खड़ा रहता है।

विदेश मंत्री का यह दौरा 2 से 10 मई तक निर्धारित है,जिसमें वे जमैका के अलावा सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो का भी दौरा कर रहे हैं। इन देशों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी है,जिन्हें गिरमिटिया समुदाय के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि भारत और इन देशों के बीच ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध काफी गहरे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के माध्यम से भारत न केवल अपने पारंपरिक संबंधों को मजबूत कर रहा है,बल्कि नए आर्थिक और रणनीतिक अवसरों की भी तलाश कर रहा है। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है,भारत का यह कदम उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर और मजबूत स्थिति में ला सकता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का यह दौरा भारत और जमैका सहित कैरेबियाई देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस दौरान हुई बैठकों और समझौतों से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी का दायरा लगातार बढ़ेगा।