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इंस्टाग्राम का बड़ा सफाई अभियान,लाखों फर्जी अकाउंट हटे,कई सेलिब्रिटीज के फॉलोअर्स में भारी गिरावट

नई दिल्ली,8 मई (युआईटीवी)- सोशल मीडिया की दुनिया में इंस्टाग्राम आज सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है। करोड़ों लोग इस मंच का इस्तेमाल अपनी तस्वीरें,वीडियो और रील्स साझा करने के लिए करते हैं। आम यूजर्स से लेकर बड़े फिल्म सितारे,खिलाड़ी,ब्रांड्स और इन्फ्लुएंसर्स तक,हर कोई इंस्टाग्राम के जरिए अपनी पहुँच और लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश करता है,लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट्स,बॉट्स और नकली एंगेजमेंट की समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी। अब इस समस्या से निपटने के लिए इंस्टाग्राम ने साल 2026 में एक बड़ा कदम उठाया है,जिसने सोशल मीडिया जगत में हलचल मचा दी है।

कंपनी ने हाल ही में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए लाखों ऐसे अकाउंट्स को हटा दिया,जो लंबे समय से निष्क्रिय थे या फिर पूरी तरह से फर्जी और ऑटोमेटेड तरीके से संचालित किए जा रहे थे। इस कार्रवाई के बाद कई मशहूर सेलिब्रिटीज,कंटेंट क्रिएटर्स और बड़े ब्रांड्स के फॉलोअर्स की संख्या में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। सोशल मीडिया पर लोग इस बदलाव को देखकर हैरान रह गए और कई यूजर्स ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दिया।

इस अभियान का सबसे ज्यादा असर अमेरिकी इन्फ्लुएंसर और बिजनेसवुमन काइली जेनर पर पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक,उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से लगभग 1.4 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स कम हो गए। यह संख्या इतनी बड़ी थी कि सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े सितारों के करोड़ों फॉलोअर्स में भी बड़ी संख्या फर्जी अकाउंट्स की थी। हालाँकि,केवल काइली जेनर ही नहीं,बल्कि कई अन्य मशहूर इन्फ्लुएंसर्स और सार्वजनिक हस्तियों के फॉलोअर्स की संख्या में भी अचानक कमी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंस्टाग्राम की यह कार्रवाई केवल आँकड़ों को साफ करने का प्रयास नहीं है,बल्कि यह सोशल मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में फर्जी फॉलोअर्स खरीदने का कारोबार तेजी से बढ़ा था। कई लोग बॉट्स और ऑटोमेटेड अकाउंट्स के जरिए अपने लाइक्स,कमेंट्स और फॉलोअर्स को कृत्रिम तरीके से बढ़ा लेते थे। इससे न केवल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता प्रभावित होती थी,बल्कि असली कंटेंट क्रिएटर्स को भी नुकसान पहुँचता था।

इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई कंपनी के नियमित सिस्टम का हिस्सा है। कंपनी समय-समय पर ऐसे अकाउंट्स की पहचान करती है,जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होते हैं या लंबे समय से सक्रिय नहीं रहते। ऐसे अकाउंट्स को हटाने का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर वास्तविक यूजर्स की भागीदारी को बढ़ावा देना है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का असर केवल फर्जी या निष्क्रिय अकाउंट्स पर पड़ा है और सामान्य सक्रिय यूजर्स को इससे कोई परेशानी नहीं होगी।

मेटा के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर किसी वेरिफाइड या असली अकाउंट को गलती से सस्पेंड किया गया हो,तो उसकी समीक्षा के बाद उसे दोबारा बहाल कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उस अकाउंट के फॉलोअर्स की संख्या को भी अपडेट कर दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि वह लगातार ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित कर रही है,जो नकली गतिविधियों की पहचान करने में और अधिक सक्षम हों।

सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि इंस्टाग्राम का यह कदम डिजिटल दुनिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में बेहद अहम है। आज के समय में फॉलोअर्स की संख्या केवल लोकप्रियता का प्रतीक नहीं रह गई है,बल्कि यह विज्ञापन,ब्रांड डील्स और कमाई से भी जुड़ी हुई है। कई कंपनियाँ इन्फ्लुएंसर्स को उनके फॉलोअर्स और एंगेजमेंट के आधार पर प्रमोशन के लिए चुनती हैं। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में फर्जी अकाउंट्स मौजूद हों,तो ब्रांड्स को भी गलत तस्वीर मिलती है।

इस सफाई अभियान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ तेजी से सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स इंस्टाग्राम के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं और इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म अधिक विश्वसनीय बनेगा और असली क्रिएटर्स को फायदा मिलेगा। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इस कार्रवाई ने यह उजागर कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली लोकप्रियता हमेशा पूरी तरह वास्तविक नहीं होती।

कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रियाएँ भी दीं। कुछ लोगों ने लिखा कि अब सोशल मीडिया पर असली और नकली लोकप्रियता का अंतर साफ दिखाई देने लगा है। वहीं कुछ ने कहा कि यह कार्रवाई उन लोगों के लिए झटका है,जो केवल फर्जी फॉलोअर्स के दम पर अपनी पहचान बना रहे थे।

डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकते हैं। फर्जी एंगेजमेंट और बॉट्स की समस्या केवल इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं है,बल्कि लगभग सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इससे जूझ रहे हैं। ऐसे में कंपनियाँ अब अपने प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित और वास्तविक बनाने की दिशा में सख्त कदम उठा रही हैं।

इंस्टाग्राम की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का वास्तविक पैमाना क्या होना चाहिए। क्या केवल फॉलोअर्स की संख्या ही किसी व्यक्ति की सफलता तय करती है या फिर असली और सक्रिय दर्शकों की भागीदारी अधिक महत्वपूर्ण है। फिलहाल,कंपनी का यह सफाई अभियान सोशल मीडिया जगत में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।