मुंबई के खिलाफ मैच में भड़के एंडी फ्लावर (तस्वीर क्रेडिट@KOHLIdeGOAT)

आईपीएल 2026: मुंबई के खिलाफ मैच में भड़के एंडी फ्लावर,आरसीबी के हेड कोच पर लगा जुर्माना

रायपुर,11 मई (युआईटीवी)- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हेड कोच एंडी फ्लावर पर इंडियन प्रीमियर लीग के आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले के दौरान चौथे अंपायर से तीखी बहस करने के बाद की गई। आईपीएल प्रशासन ने एंडी फ्लावर को कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल-1 का दोषी पाया,जिसके बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सजा मान ली।

यह घटना आरसीबी की पारी के 17.2 ओवर में हुई,जब मैदान पर एक विवादित कैच को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई। मुकाबले के दौरान मुंबई इंडियंस की ओर से गेंदबाजी कर रहे अल्लाह गजनफर की गेंद पर क्रुणाल पंड्या ने वाइड लॉन्ग-ऑन की दिशा में बड़ा शॉट खेला। गेंद तेजी से बाउंड्री की ओर जा रही थी,जहाँ फील्डिंग कर रहे नमन धीर ने शानदार प्रयास करते हुए कैच पकड़ने की कोशिश की।

हालाँकि,कैच लेते समय नमन धीर का संतुलन बिगड़ता दिखाई दिया। खुद को बाउंड्री रोप से टकराने से बचाने के लिए उन्होंने गेंद को हवा में उछालते हुए साथी खिलाड़ी तिलक वर्मा की तरफ फेंक दिया। तिलक वर्मा गेंद को सुरक्षित तरीके से पकड़ नहीं सके और गेंद मैदान पर गिर गई। पहली नजर में ऐसा लगा कि नमन धीर का पैर बाउंड्री रोप से छू गया था,जिससे आरसीबी को उम्मीद थी कि अंपायर इसे छक्का करार देंगे।

मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और डगआउट में बैठे आरसीबी के सदस्य भी इसी उम्मीद में थे। बल्लेबाज क्रुणाल पांड्या को भी लगा कि गेंद सीधे छक्के के लिए चली गई है,जिसके कारण उन्होंने रन लेने की कोशिश तक नहीं की,लेकिन अंपायरों ने रिप्ले देखने के बाद फैसला सुनाया कि नमन धीर का पैर बाउंड्री लाइन को नहीं छू पाया था और गेंद को छक्का नहीं माना गया।

इस फैसले से आरसीबी के डगआउट में नाराजगी साफ दिखाई दी। हेड कोच एंडी फ्लावर काफी गुस्से में नजर आए और वह तुरंत चौथे अंपायर के पास पहुँच गए। मैदान के बाहर उनकी चौथे अंपायर के साथ तीखी बहस हुई,जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। आईपीएल प्रशासन ने बाद में माना कि फ्लावर ने आचार संहिता के अनुच्छेद 2.3 का उल्लंघन किया,जो मैच के दौरान अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार से संबंधित है।

रिपोर्ट्स के अनुसार,एंडी फ्लावर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और उन पर लगाया गया जुर्माना भी मान लिया। आईपीएल के नियमों के मुताबिक,लेवल-1 के मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी या टीम अधिकारी को अपील करने का अधिकार नहीं होता।

हालाँकि,इस विवाद के बावजूद मैच बेहद रोमांचक अंदाज में खत्म हुआ। आरसीबी ने मुंबई इंडियंस से मिले 168 रनों के लक्ष्य को आखिरी गेंद पर हासिल कर लिया। मुकाबले के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले और मैच अंत तक रोमांच से भरा रहा।

आरसीबी की जीत के सबसे बड़े हीरो क्रुणाल पांड्या रहे। उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों पर 73 रन की बेहतरीन पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 5 शानदार छक्के लगाए। क्रुणाल ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मुंबई के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

इसके अलावा जेकब बेथेल ने भी महत्वपूर्ण योगदान देते हुए 27 रन बनाए। हालाँकि,मैच का सबसे रोमांचक पल अंतिम ओवर में देखने को मिला,जब आरसीबी को जीत के लिए कुछ अहम रन चाहिए थे। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी की और एक महत्वपूर्ण छक्का जड़कर मैच का रुख बदल दिया।

अंतिम गेंद पर आरसीबी को जीत के लिए दो रन चाहिए थे। भुवनेश्वर कुमार और रसिख सलाम ने तेज दौड़ लगाते हुए दो रन पूरे किए और टीम को इस सीजन की सातवीं जीत दिला दी। भुवनेश्वर कुमार ने केवल दो गेंदों में नाबाद 7 रन बनाए,लेकिन उनका योगदान बेहद अहम साबित हुआ।

गेंदबाजी में भी भुवनेश्वर कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 विकेट लेकर मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी को काफी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने अपने चार ओवरों में केवल 23 रन खर्च किए और विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोका।

इस जीत के बाद आरसीबी के खिलाड़ियों और प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। टीम ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और प्लेऑफ की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस के लिए यह हार निराशाजनक रही,क्योंकि टीम कई मौकों पर मैच पर पकड़ बनाने के बावजूद जीत हासिल नहीं कर सकी।

मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा एंडी फ्लावर और अंपायरों के बीच हुई बहस की रही। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव के चलते भावनाएँ उभरना स्वाभाविक है,लेकिन टीम अधिकारियों से संयमित व्यवहार की उम्मीद की जाती है। फ्लावर पर लगा जुर्माना इसी संदेश को मजबूत करता है कि टूर्नामेंट में अनुशासन और खेल भावना सर्वोपरि है।