चेन्नई,19 मई (युआईटीवी)- तमिल फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर के. राजन के निधन की खबर ने पूरे दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीतिक जगत तक शोक की लहर दौड़ गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय समेत कई दिग्गज कलाकारों और नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। लंबे समय तक तमिल सिनेमा से जुड़े रहे के. राजन को इंडस्ट्री में एक बेबाक और मजबूत आवाज के रूप में जाना जाता था। वह अक्सर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे और छोटे निर्माताओं तथा वितरकों के अधिकारों की मजबूती से पैरवी करते थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 85 वर्षीय के. राजन का निधन चेन्नई में हुआ। शुरुआती खबरों में दावा किया गया कि उन्होंने अड्यार पुल से नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या की। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर एंड रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची और उनका शव बरामद किया गया। हालाँकि,पुलिस ने पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है और अभी तक आधिकारिक रूप से मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है। इस घटना ने फिल्म जगत को स्तब्ध कर दिया है,क्योंकि के. राजन लंबे समय तक तमिल सिनेमा की एक अहम पहचान रहे थे।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि के. राजन का जाना तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “के. राजन के निधन की खबर सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ। वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा मजबूत और बेबाक चेहरा थे,जिसने कई दशकों तक सिनेमा जगत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि के. राजन केवल एक निर्माता या अभिनेता नहीं थे,बल्कि वह तमिल सिनेमा के हितों की आवाज भी थे। उन्होंने कहा, “के. राजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री के हितों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने खास तौर पर छोटे फिल्म निर्माताओं और वितरकों के अधिकारों को लेकर हमेशा खुलकर अपनी बात रखी। वह तमिल सिनेमा की दिशा और भविष्य को लेकर भी बेबाक राय रखते थे।”
मुख्यमंत्री विजय ने अपने संदेश में यह भी कहा कि के. राजन का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहने के दौरान के. राजन ने जो योगदान दिए,उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। तमिल फिल्म इंडस्ट्री उनके काम और संघर्ष को कभी नहीं भूल पाएगी।” मुख्यमंत्री ने उनके परिवार,दोस्तों और तमिल सिनेमा से जुड़े लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ भी व्यक्त कीं।
के. राजन के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों और फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए दुख जताया। अभिनेत्री और नेता खुशबू सुंदर ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। उन्होंने लिखा, “के. राजन सम्मानित और सच बोलने वाले इंसान थे। वह हमेशा बिना डर अपनी बात रखते थे और इंडस्ट्री के मुद्दों पर खुलकर बोलते थे।” खुशबू ने कहा कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसी आवाज खो दी है,जो हमेशा सिनेमा जगत के हितों के लिए खड़ी रही।
अभिनेता और राजनेता आर. सरथकुमार ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि के. राजन ने 1980 के दशक से तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी और उनका अचानक चले जाना इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है। सरथकुमार ने कहा, “उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। तमिल सिनेमा हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा।”
अगर के. राजन के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने 1983 में फिल्म ‘ब्रह्मचारीगल’ से बतौर निर्माता अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने बैनर ‘गणेश सिने आर्ट्स’ के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने तमिल सिनेमा को कई सफल फिल्में दीं और इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान बनाई।
के. राजन सिर्फ निर्माता तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने निर्देशन और अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। उन्होंने ‘उनाचिगल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया,जिसे दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली थी। वहीं अभिनय की दुनिया में भी उन्होंने कई फिल्मों में दमदार भूमिकाएँ निभाईं। ‘डबल्स’, ‘अवल पावम’, ‘माइकल राज’, ‘थुनिवु’ और ‘बकासुरन’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने काफी पसंद किया।
फिल्म इंडस्ट्री में के. राजन को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जाता था,जो किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते थे। चाहे फिल्म वितरण से जुड़े विवाद हों,छोटे निर्माताओं की समस्याएँ हों या सिनेमा इंडस्ट्री में बढ़ती चुनौतियाँ,के. राजन हमेशा अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहते थे। कई बार उनके बयान सुर्खियों में भी रहे,लेकिन उन्होंने कभी अपनी बात रखने से परहेज नहीं किया।
तमिल सिनेमा के जानकारों का मानना है कि के. राजन केवल एक फिल्म निर्माता नहीं थे,बल्कि वह इंडस्ट्री के संघर्षशील चेहरे के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने अनुभव और स्पष्ट विचारों के जरिए सिनेमा जगत में अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है,जिसने दशकों तक पर्दे के पीछे और सामने दोनों जगह महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल उनके निधन की खबर के बाद चेन्नई समेत पूरे तमिलनाडु में शोक का माहौल है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग लगातार उनके घर पहुँचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसक और फिल्मी हस्तियाँ उन्हें याद कर रही हैं। के. राजन का जाना तमिल सिनेमा के एक ऐसे दौर का अंत माना जा रहा है,जिसने संघर्ष,स्पष्टवादिता और सिनेमा के प्रति समर्पण को अपनी पहचान बनाया था।
