रोम,20 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार रात इटली की राजधानी रोम पहुँचे,जहाँ उनका भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है,जब भारत और इटली के बीच रणनीतिक,आर्थिक और व्यापारिक संबंध लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुँच रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के रोम पहुँचने के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खास संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “रोम में आपका स्वागत है,मेरे दोस्त!” मेलोनी के इस संदेश ने एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत दोस्ती और राजनीतिक समझ को उजागर कर दिया। पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की कई मुलाकातें चर्चा का विषय रही हैं और दोनों नेताओं के बीच मजबूत तालमेल देखने को मिला है।
रोम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी होटल पहुँचे,जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही प्रधानमंत्री वहाँ पहुँचे, “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा माहौल गूँज उठा। भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और प्रधानमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस दौरान कुछ बच्चे प्रधानमंत्री मोदी के लिए हाथ से बनाए गए चित्र लेकर पहुँचे। प्रधानमंत्री ने बच्चों की कला और उत्साह की सराहना की और उनके बनाए चित्रों पर हस्ताक्षर भी किए। यह पल वहाँ मौजूद लोगों के लिए खास बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत भी की और उनके स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह भारत और इटली के रिश्तों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आधिकारिक दौरे पर रोम पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए अवसर मौजूद हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच ऐतिहासिक विला डोरिया पैम्फिली में अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों नेता व्यापार,निवेश,रक्षा सहयोग,स्वच्छ ऊर्जा,तकनीक,कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे। इसके अलावा भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किए जाने की भी संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से भी होगी। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और इटली दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्य,वैश्विक शांति और आर्थिक सहयोग को लेकर समान दृष्टिकोण रखते हैं,ऐसे में यह मुलाकात भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर रोम पहुँचे हैं और यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि भारत और इटली के बीच लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध रहे हैं,जिन्हें अब और विस्तार दिया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार,यह यात्रा ऐसे समय हो रही है,जब भारत और इटली 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस योजना में व्यापार,निवेश,रक्षा,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,स्वच्छ ऊर्जा,डिजिटल नवाचार और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में सहयोग को और व्यापक बनाया जाए।
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत और इटली के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। विदेश मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 16.77 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। वहीं अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में कुल 3.66 अरब डॉलर का निवेश आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा निवेश और व्यापार के नए अवसरों को बढ़ावा दे सकती है।
विशेष रूप से रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और इटली के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दोनों देश हरित ऊर्जा,इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नई तकनीकों पर साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हो सकता है।
यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए को लेकर बातचीत पूरी हुई है। माना जा रहा है कि इससे भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। इटली यूरोप की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और भारत उसके साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी अच्छी समझ देखने को मिलती है। पिछले वर्ष जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात काफी चर्चा में रही थी। उस दौरान दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। अब प्रधानमंत्री मोदी की यह आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
भारत और इटली के बीच सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। इटली में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है,जो दोनों देशों के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय में खास उत्साह देखने को मिला।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा केवल एक राजनयिक दौरा नहीं,बल्कि भारत और इटली के बीच तेजी से विकसित हो रही रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार,तकनीक,रक्षा और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में नए समझौते और साझेदारियाँ देखने को मिल सकती हैं,जो भारत-यूरोप संबंधों को भी नई दिशा देंगी।
