रोम,20 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इटली यात्रा के दौरान बुधवार को रोम के ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध कोलोसियम का दौरा किया। इस खास मौके पर उनके साथ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने दुनिया के सात अजूबों में शामिल इस ऐतिहासिक धरोहर का अवलोकन किया और इसके सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक राजनयिक दौरा नहीं मानी जा रही,बल्कि इसे भारत और इटली के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक भी माना जा रहा है।
रोम स्थित कोलोसियम दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों में गिना जाता है। लगभग दो हजार वर्ष पुरानी यह विशाल अंडाकार संरचना रोमन वास्तुकला और प्राचीन सभ्यता की भव्यता को दर्शाती है। इस एम्फीथिएटर का निर्माण फ्लेवियन राजवंश के शासनकाल में हुआ था और इसे 80 ईस्वी में पूरा किया गया था। पत्थर और कंक्रीट से बनी यह इमारत आज भी प्राचीन रोमन साम्राज्य की शक्ति और तकनीकी कौशल का प्रतीक मानी जाती है।
कोलोसियम में 80 से अधिक प्रवेश द्वार बनाए गए थे और इसमें लगभग 80 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था थी। यहाँ प्राचीन काल में ग्लैडिएटरों की लड़ाइयाँ,सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई सार्वजनिक आयोजन हुआ करते थे। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थान रोमन समाज के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र था। प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने इस ऐतिहासिक धरोहर का दौरा करते हुए इसके संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी के रोम पहुँचने के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। मेलोनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक विशेष संदेश साझा करते हुए लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!” इस संदेश ने दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत मित्रता और राजनीतिक तालमेल को फिर से चर्चा में ला दिया। पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दोनों नेताओं की कई मुलाकातें हुई हैं और हर बार दोनों के बीच मजबूत संबंध दिखाई दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुँचे हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और इटली के बीच आर्थिक,रणनीतिक और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि रोम पहुँचने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ डिनर पर मिलने का अवसर मिला और इसके बाद उन्होंने कोलोसियम का दौरा किया। उन्होंने लिखा कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ और वह आगे होने वाली द्विपक्षीय वार्ता को लेकर उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली के बीच दोस्ती लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली बातचीत में व्यापार,निवेश,रक्षा,स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री की ओर से आयोजित विशेष डिनर में भी हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने इस दौरान वैश्विक राजनीति,आर्थिक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा की। डिनर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद दोनों नेताओं की मित्रता फिर चर्चा में आ गई।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उनकी प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह बैठक रोम के ऐतिहासिक विला डोरिया पैंफिली में आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद दोनों देश एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी कर सकते हैं,जो भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत दिशा देगा।
भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार,यह यात्रा ऐसे समय हो रही है,जब भारत और इटली 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इस कार्ययोजना में व्यापार,निवेश,रक्षा,स्वच्छ ऊर्जा,नवाचार,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और इटली के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब डॉलर तक पहुँच गया। वहीं अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली ने भारत में लगभग 3.66 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार के नए अवसरों को और बढ़ावा दे सकती है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी भारत-इटली संबंधों का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा,रक्षा तकनीक और वैश्विक शांति से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक के क्षेत्र में भी साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत और इटली दोनों ही कार्बन उत्सर्जन कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर साथ काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते संबंधों के संदर्भ में भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऐसे में इटली जैसे प्रमुख यूरोपीय देश के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर बनी अच्छी समझ भी दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दे रही है। जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात और तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थीं। अब प्रधानमंत्री मोदी की यह आधिकारिक यात्रा भारत-इटली संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है।
इटली में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर खास उत्साह दिखाया। रोम में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के नारों से माहौल गूँज उठा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों पर हस्ताक्षर किए।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोलोसियम दौरा केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि भारत और इटली के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक बन गया है। यह यात्रा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार,तकनीक,संस्कृति,रक्षा और वैश्विक सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है।
