व्लादिमीर पुतिन औरशी जिनपिंग (तस्वीर क्रेडिट@Skyboyz15)

चीन दौरे पर पहुँचे व्लादिमीर पुतिन,शी जिनपिंग संग रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर होगी अहम बातचीत

बीजिंग,20 मई (युआईटीवी)- व्लादिमीर पुतिन मंगलवार रात चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच गए, जहां वह दो दिवसीय राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष निमंत्रण पर हो रहा है। रूस और चीन के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों के बीच इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के शीर्ष नेता इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग,वैश्विक राजनीति,आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

रूसी राष्ट्रपति का यह 25वां चीन दौरा है,जो इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मॉस्को और बीजिंग के बीच रणनीतिक रिश्ते लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुँच रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि दोनों नेता अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने,साझा हितों वाले अंतर्राष्ट्रीय मामलों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा व्यापार,ऊर्जा,तकनीक,रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।

इस साल चीन और रूस के संबंधों के लिए विशेष महत्व रखा जा रहा है,क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं। साथ ही चीन-रूस ‘ट्रीटी ऑफ गुड-नेबरलिनेस एंड फ्रेंडली कोऑपरेशन’ पर हस्ताक्षर होने की 25वीं वर्षगांठ भी इसी वर्ष मनाई जा रही है। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक,बीजिंग इस अवसर का इस्तेमाल रूस के साथ अपने रिश्तों को और गहरा करने के लिए करना चाहता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए काम करेंगे। उनका कहना था कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में चीन और रूस का सहयोग दुनिया के लिए एक संतुलित और स्थिर व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

चीन रवाना होने से पहले व्लादिमीर पुतिन ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया। यह पहली बार था जब पुतिन ने किसी विदेशी दौरे से पहले वीडियो भाषण जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर एक बार फिर चीन आना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि रूस और चीन के संबंध आज उस स्तर पर पहुँच चुके हैं,जो पहले कभी नहीं देखा गया।

पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय मुलाकातें और शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि रूस और चीन मिलकर उन अपार संभावनाओं को तलाश रहे हैं,जो भविष्य में दोनों देशों को और करीब ला सकती हैं। उनके मुताबिक राजनीतिक,आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने के लिए दोनों देश लगातार काम कर रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रूस और चीन भविष्य को लेकर मजबूत विश्वास रखते हैं और दोनों देश मिलकर आर्थिक संपर्क बढ़ाने,व्यापार विस्तार करने तथा लोगों के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पुतिन ने अपने बयान में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रूस और चीन की साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का घनिष्ठ रणनीतिक समन्वय वैश्विक स्थिरता के लिए अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि रूस-चीन मित्रता किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है,बल्कि इसका उद्देश्य शांति, स्थिरता और समान समृद्धि को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि रूस और चीन के संबंध आपसी भरोसे,सम्मान और समानता पर आधारित हैं। पुतिन के अनुसार दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों का सम्मान करते हैं और संवेदनशील मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यही विशेषता दोनों देशों के रिश्तों को अन्य वैश्विक साझेदारियों से अलग बनाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। यूक्रेन युद्ध,अमेरिका-चीन तनाव,वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ और बदलते अंतर्राष्ट्रीय समीकरणों के बीच रूस और चीन अपने संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों की कोशिश है कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत किया जाए और पश्चिमी देशों के प्रभाव का संतुलन बनाया जाए।

बीजिंग में होने वाली बातचीत के दौरान ऊर्जा सहयोग भी एक अहम मुद्दा रहेगा। रूस पहले से ही चीन को तेल और गैस का बड़ा निर्यातक है। माना जा रहा है कि दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति,नई पाइपलाइन परियोजनाओं और व्यापारिक निवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा कर सकते हैं।

इसके अलावा रक्षा और तकनीकी सहयोग भी इस दौरे के प्रमुख एजेंडों में शामिल माना जा रहा है। हाल के वर्षों में रूस और चीन ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों और रक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया है। दोनों देश साइबर सुरक्षा,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

व्लादिमीर पुतिन का यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं माना जा रहा,बल्कि इसे वैश्विक राजनीति के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के बीच बढ़ती नजदीकियाँ आने वाले समय में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।