वेनेजुएला में भूकंप से तबाही का भयावह मंजर (तस्वीर क्रेडिट@askrajeshsahu)

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही का भयावह मंजर,मृतकों की संख्या 1,450 पहुँचीं,राहत-बचाव अभियान जारी

काराकस,29 जून (युआईटीवी)- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय अपने इतिहास की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। बुधवार को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी। लगातार आ रहे झटकों,इमारतों के ढहने और भूस्खलन ने हजारों लोगों का जीवन प्रभावित किया है। इस भीषण त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,450 हो गई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है,लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कें,पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण बचाव दलों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी में बताया कि बुधवार को आए दोनों शक्तिशाली भूकंपों के बाद अब तक 430 हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार महसूस किए जा रहे इन झटकों ने लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। हजारों लोग अब भी अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं और खुले मैदानों या अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

सरकार के अनुसार,इस आपदा में अब तक 3,238 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा 3,142 परिवार सीधे तौर पर इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में मकान पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं,जबकि कई इमारतों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। बिजली,पानी और संचार जैसी बुनियादी सेवाएँ भी कई इलाकों में बाधित हैं,जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

जॉर्ज रोड्रिगेज ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हजारों बचावकर्मी,सुरक्षाबल,चिकित्सा दल और स्वयंसेवक चौबीसों घंटे राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर मलबे में फँसे लोगों को निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों और विशेष बचाव टीमों की मदद ली जा रही है।

इस बीच राहत कार्यों के बीच एक और चुनौती सामने आई,जब शनिवार को देश के मध्य क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का एक और भूकंप महसूस किया गया। वेनेजुएला फाउंडेशन फॉर सीस्मोलॉजिकल रिसर्च ने बताया कि यह झटका उस समय आया,जब लोग पहले से ही लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण दहशत में थे। नए झटके ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी तथा कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भूकंप एजेंसी के अनुसार,इस ताजा झटके का केंद्र ला गुएरा शहर से लगभग 35 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। यह वही तटीय क्षेत्र है, जिसे बुधवार को आए विनाशकारी भूकंपों के बाद भारी नुकसान के कारण आपदा क्षेत्र घोषित किया गया था। एजेंसी ने बताया कि भूकंप केवल पाँच किलोमीटर की कम गहराई पर आया था। विशेषज्ञों के अनुसार,कम गहराई पर आने वाले भूकंपों का प्रभाव जमीन की सतह पर अधिक महसूस होता है और इससे इमारतों को नुकसान पहुँचने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

राजधानी काराकास और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों ने तेज झटके महसूस किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,झटके महसूस होते ही लोग घबराकर घरों,कार्यालयों और अन्य इमारतों से बाहर निकल आए। कई लोगों को इस बात का डर सताने लगा कि पहले से क्षतिग्रस्त इमारतें दोबारा गिर सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और क्षतिग्रस्त भवनों में प्रवेश नहीं करने की अपील की है।

बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने वेनेजुएला के कई शहरों और कस्बों में भारी तबाही मचाई थी। अनेक बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं,जबकि कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें टूट जाने से कई गाँवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। राहत सामग्री पहुँचाने में भी प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तटीय इलाकों में भी कई बंदरगाहों और सार्वजनिक ढाँचों को नुकसान पहुंचा है।

राहत एजेंसियाँ लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक भोजन,स्वच्छ पेयजल,दवाइयाँ और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। हालाँकि,प्रभावित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और लगातार आ रहे झटकों के कारण राहत अभियान अपेक्षा से धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। कई स्थानों पर बचाव दलों को भारी मशीनें पहुँचाने में भी दिक्कत हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स इस बात का संकेत हैं कि धरती के भीतर भूगर्भीय हलचल अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी हल्के या मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए जा सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर राहत और पुनर्वास अभियान को तेज कर दिया है। सेना,आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी मानवीय सहायता की अपील की गई है,ताकि राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सके।

इस भीषण आपदा ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव जीवन कितना असुरक्षित हो सकता है। हजारों परिवारों ने अपने प्रियजनों,घरों और आजीविका को खो दिया है। अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ और सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता प्रदान करना है। पूरे देश की निगाहें राहत और पुनर्वास कार्यों पर टिकी हैं,ताकि इस त्रासदी से उबरने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके और प्रभावित लोगों को नए सिरे से जीवन जीने का अवसर मिल सके।