हरमनप्रीत कौर (तस्वीर क्रेडिट@PoojaAzamgadi)

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026:ऑस्ट्रेलिया से हारकर टूटा भारत का सेमीफाइनल का सपना,दमदार बल्लेबाजी भी नहीं बचा सकी ‘विमेन इन ब्लू’

लंदन,29 जून (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम का विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुँचने का सपना आखिरकार टूट गया। रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए ग्रुप-ए के अपने आखिरी मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम था,लेकिन भारतीय टीम निर्णायक क्षणों में अपनी बढ़त कायम नहीं रख सकी। इस हार के साथ भारत का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया,जबकि ऑस्ट्रेलिया ने शानदार अंदाज में सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। ग्रुप-ए से ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम-4 में जगह बनाई,जबकि ग्रुप-बी से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रहीं।

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए। शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने सकारात्मक सोच के साथ बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 66 रनों की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। दोनों बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया।

शेफाली वर्मा ने 26 गेंदों पर 34 रन बनाए,जिसमें उन्होंने आक्रामक शॉट्स खेलते हुए रन गति को बनाए रखा। दूसरी ओर स्मृति मंधाना ने 37 गेंदों में 38 रनों की संयमित पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद एक समय ऐसा लगा कि भारत की रन गति धीमी पड़ सकती है,लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।

हरमनप्रीत कौर ने शानदार कप्तानी पारी खेलते हुए महज 27 गेंदों में 56 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 6 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली तीसरी बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। हरमनप्रीत ने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ तीसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जेमिमा ने भी 34 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया, हालांकि बाद में उन्हें रिटायर्ड आउट होना पड़ा।

भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने 170 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। यह ऐसा लक्ष्य था जिसे देखते हुए भारतीय टीम के पास मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने का अच्छा अवसर था। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने सबसे सफल गेंदबाज रहते हुए दो विकेट हासिल किए।

171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार अनुशासन दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया को दबाव में ला दिया। टीम ने केवल 4 रन के स्कोर पर जॉर्जिया वोल का विकेट गंवा दिया। इसके बाद फीबी लिचफील्ड और बेथ मूनी ने पारी को सँभालने की कोशिश की,लेकिन भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट निकालते रहे।

जब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 68 रन पर 3 विकेट था,तब मुकाबला पूरी तरह भारत की पकड़ में दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर था और ऐसा लग रहा था कि टीम जीत की ओर बढ़ रही है,लेकिन इसके बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।

अनुभवी बल्लेबाज एलिस पेरी और आक्रामक ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर ने बेहद संयम और आक्रामकता का शानदार मिश्रण पेश किया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और चौथे विकेट के लिए 57 गेंदों में नाबाद 100 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी ने भारत की सेमीफाइनल में पहुँचने की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

एलिस पेरी ने 38 गेंदों में 56 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने दबाव की स्थिति में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत की राह पर बनाए रखा। वहीं एश्ले गार्डनर ने भी केवल 29 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाए। उनकी पारी में 3 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को किसी भी तरह की वापसी का अवसर नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारतीय गेंदबाजी की बात करें,तो युवा गेंदबाज श्री चरणी ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ठाकुर को एक-एक सफलता मिली। हालाँकि,मध्य ओवरों के बाद भारतीय गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में सफल नहीं हो सके,जिसका खामियाजा टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ा।

इस हार के साथ भारतीय महिला टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया,लेकिन अहम मुकाबलों में निरंतरता की कमी और दबाव के क्षणों में विपक्षी टीम पर शिकंजा कसने में नाकामी ने भारत की राह मुश्किल बना दी। बल्लेबाजों ने इस मैच में अपेक्षित प्रदर्शन किया,लेकिन गेंदबाज 171 रन के मजबूत लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके।

अब टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया,दक्षिण अफ्रीका,इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें खिताब की दौड़ में आमने-सामने होंगी। दूसरी ओर भारतीय टीम के लिए यह हार निश्चित रूप से निराशाजनक रही,लेकिन इस अभियान से मिले अनुभव भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। भारतीय खिलाड़ियों के पास अब अपनी कमियों पर काम करने और अगले वैश्विक टूर्नामेंट में अधिक मजबूती के साथ वापसी करने का अवसर होगा।