डेविड वॉर्नर

शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में डेविड वॉर्नर ने कबूला जुर्म,18 अगस्त को सुनाई जाएगी सजा

सिडनी,22 जुलाई (युआईटीवी)- ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर एक बार फिर सुर्खियों में हैं,लेकिन इस बार वजह उनका क्रिकेट प्रदर्शन नहीं बल्कि एक कानूनी मामला है। शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में वॉर्नर ने सिडनी की एक अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अदालत ने इस मामले में अंतिम सजा सुनाने के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की है। वॉर्नर की ओर से अदालत में उनके वकील ने पेश होकर औपचारिक रूप से दोष स्वीकार किया। इस घटनाक्रम के बाद न केवल उनकी सार्वजनिक छवि पर सवाल उठ रहे हैं,बल्कि आगामी बिग बैश लीग में सिडनी थंडर के कप्तान के रूप में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

बुधवार को सिडनी की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। डेविड वॉर्नर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से उनके वकील बॉबी हिल ने अदालत में पेश होकर यह स्वीकार किया कि वॉर्नर ने शराब पीकर वाहन चलाया था। अदालत ने दोष स्वीकार किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई और सजा के लिए 18 अगस्त की तारीख निर्धारित कर दी।

यह मामला इस वर्ष 5 अप्रैल,ईस्टर रविवार का है। उस दिन डेविड वॉर्नर एक वैन चला रहे थे। पुलिस के अनुसार,वह एक ऐसे स्थान पर रुके जो यादृच्छिक श्वास परीक्षण केंद्र से कुछ ही दूरी पर था। उनकी गतिविधि पर संदेह होने के बाद पुलिस ने सड़क किनारे उनका श्वास परीक्षण किया। जाँच में पाया गया कि उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा निर्धारित कानूनी सीमा से दोगुनी से भी अधिक थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आगे की कार्रवाई के लिए थाने ले गई।

ऑस्ट्रेलिया में शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। वहाँ के ट्रैफिक कानून ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करते हैं। इसी कारण डेविड वॉर्नर के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और अब उन्होंने अदालत में अपना दोष स्वीकार कर लिया है। दोष स्वीकार करने के बाद अदालत अब सजा तय करेगी, जिसमें जुर्माना,ड्राइविंग लाइसेंस पर प्रतिबंध और गंभीर परिस्थितियों में जेल की सजा भी शामिल हो सकती है।

इस मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान वॉर्नर के वकील बॉबी हिल ने अदालत के सामने कहा था कि हर व्यक्ति जीवन में कभी न कभी गलत निर्णय ले सकता है,लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपनी गलती को स्वीकार करे और उसकी जिम्मेदारी ले। उन्होंने कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि व्यक्ति किसी भी पेशे से जुड़ा हो, कानून सभी के लिए समान होता है। उन्होंने यह भी बताया कि वॉर्नर स्वयं मानते हैं कि शराब पीने के बाद वाहन चलाना उनका बेहद गलत और लापरवाही भरा फैसला था।

वकील ने अदालत में यह भी कहा था कि यदि वॉर्नर उस समय स्वयं वाहन चलाने के बजाय टैक्सी या उबर जैसी सेवा का उपयोग करते,तो यह पूरा मामला सामने नहीं आता। उनके अनुसार वॉर्नर अपनी गलती को समझते हैं और उसे लेकर उन्हें गहरा अफसोस है। यही कारण है कि उन्होंने अदालत में बिना किसी विवाद के अपना दोष स्वीकार करने का निर्णय लिया।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दोष स्वीकार करने से अदालत सजा तय करते समय इसे एक सकारात्मक पहलू के रूप में देख सकती है। हालाँकि,इससे यह तय नहीं हो जाता कि उन्हें राहत मिल ही जाएगी। ऑस्ट्रेलिया के कानून के तहत यदि किसी चालक के शरीर में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक अल्कोहल पाया जाता है,तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।

मौजूदा नियमों के अनुसार डेविड वॉर्नर पर कम से कम छह महीने तक वाहन चलाने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके अलावा उन पर 2,200 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि अदालत इस मामले को अधिक गंभीर मानती है,तो उन्हें अधिकतम नौ महीने तक की जेल की सजा भी सुनाई जा सकती है। अंतिम निर्णय 18 अगस्त को सुनाया जाएगा।

इस पूरे मामले का असर डेविड वॉर्नर के क्रिकेट करियर पर भी पड़ सकता है। वह इस समय ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग में सिडनी थंडर टीम की कप्तानी कर रहे हैं। उनके दोष स्वीकार करने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या टीम प्रबंधन उन्हें आगामी सत्र में कप्तान बनाए रखेगा या कोई नया फैसला लिया जाएगा। हालाँकि,फिलहाल फ्रेंचाइजी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ली जर्मन ने वॉर्नर की गिरफ्तारी के बाद कहा था कि शराब पीकर वाहन चलाना अत्यंत गंभीर मामला है और संगठन इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स हमेशा सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देता है और शराब के प्रभाव में वाहन चलाने के पूरी तरह खिलाफ है।

उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स,सिडनी थंडर और सिडनी सिक्सर्स जैसे संगठन राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना और शराब पीकर ड्राइविंग जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों को रोकना है। ऐसे में एक प्रमुख खिलाड़ी का इस तरह के मामले में शामिल होना निश्चित रूप से चिंता का विषय माना जा रहा है।

डेविड वॉर्नर लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और कई यादगार पारियों के दम पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। हालाँकि,उनके करियर में पहले भी कई विवाद सामने आए हैं। गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के बाद उन्हें लंबा प्रतिबंध झेलना पड़ा था,लेकिन बाद में उन्होंने वापसी कर अपनी बल्लेबाजी से आलोचकों को जवाब दिया। अब शराब पीकर वाहन चलाने का यह मामला उनके करियर और सार्वजनिक छवि के लिए एक नई चुनौती बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खेल जगत की बड़ी हस्तियों का व्यवहार समाज पर व्यापक प्रभाव डालता है। ऐसे में खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह जिम्मेदार आचरण का परिचय दें। शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं,बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है। सड़क पर ऐसी लापरवाही न केवल चालक,बल्कि अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल सकती है।

अब सभी की निगाहें 18 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं,जब अदालत डेविड वॉर्नर के खिलाफ अंतिम फैसला सुनाएगी। यह निर्णय केवल उनकी कानूनी स्थिति ही तय नहीं करेगा,बल्कि आगामी बिग बैश लीग में उनकी भूमिका और सार्वजनिक छवि पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल वॉर्नर ने अपनी गलती स्वीकार कर यह संकेत दिया है कि वह अपने फैसले की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं,लेकिन कानून के तहत उन्हें किस प्रकार की सजा मिलेगी,इसका फैसला अदालत ही करेगी।