मुंबई,18 अगस्त (युआईटीवी)- ओटीटी दर्शकों के लिए एक और दिलचस्प इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा फिल्म आने वाली है। वरुण सोबती, निमिषा सजयन और अंशुमान पुष्कर स्टारर आगामी फिल्म ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ की वैश्विक रिलीज की घोषणा कर दी गई है। अपराध,जाँच ,रिश्तों और एक महिला के निजी संघर्ष को केंद्र में रखकर बनाई गई यह कहानी एक छोटे से भारतीय कस्बे की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। फिल्म में एक महिला पुलिस अधिकारी की भूमिका, उसकी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव और बचपन की दोस्त की हत्या की गुत्थी के बीच चलने वाली जाँच को प्रमुखता दी गई है। फिल्म का प्रीमियर 28 अगस्त को पूरे भारत के साथ दुनियाभर में किया जाएगा।
प्राइम वीडियो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए फिल्म की रिलीज की जानकारी साझा की। फिल्म हिंदी भाषा में होगी और इसके साथ अंग्रेजी सबटाइटल्स उपलब्ध रहेंगे। कहानी की खासियत यह है कि यह सिर्फ हत्या के एक मामले की जाँच तक सीमित नहीं है, बल्कि जाँच के दौरान मुख्य किरदार के अपने अतीत,रिश्तों और पहचान से जुड़े कई पहलू भी सामने आते हैं। जैसे-जैसे वह मामले की तह तक पहुँचती है,वैसे-वैसे उसकी अपनी जिंदगी के कई अनकहे सवाल भी उसके सामने आने लगते हैं।
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ की कहानी बबीता सिंह नाम की एक सस्पेंडेड पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। उसे प्यार से ‘बेबी’ कहा जाता है। बबीता की जिंदगी उस समय एक नया मोड़ लेती है,जब उसके बचपन की दोस्त की हत्या हो जाती है। इस मामले की जाँच करने का फैसला बबीता खुद करती है। शुरुआत में यह एक सामान्य आपराधिक जाँच की तरह दिखाई देती है,लेकिन धीरे-धीरे मामला कई रहस्यमयी पहलुओं से जुड़ता चला जाता है।
बबीता जैसे-जैसे हत्या के पीछे छिपे सच को तलाशती है,उसे ऐसे लोगों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है,जिनके बारे में उसने शायद कभी नहीं सोचा था। जाँच के दौरान उसे अपने आसपास की दुनिया को नए नजरिए से देखने का मौका मिलता है। यही यात्रा धीरे-धीरे उसके लिए आत्म-खोज की यात्रा भी बन जाती है। वह सिर्फ अपनी दोस्त की हत्या के पीछे का सच तलाशने की कोशिश नहीं करती,बल्कि खुद की जिंदगी और अपनी पहचान को भी समझने लगती है।
फिल्म में निमिषा सजयन मुख्य भूमिका में हैं। वह बबीता सिंह यानी बेबी का किरदार निभा रही हैं। उनके किरदार को कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। एक पुलिस अधिकारी होने के बावजूद बबीता की जिंदगी व्यक्तिगत परेशानियों और भावनात्मक संघर्षों से भरी हुई है। जाँच के दौरान उसके व्यक्तित्व के कई ऐसे पहलू सामने आते हैं,जो उसे एक सामान्य पुलिस अधिकारी के किरदार से अलग बनाते हैं।
वरुण सोबती और अंशुमान पुष्कर भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएँगे। दोनों कलाकार कहानी की दुनिया को और अधिक गहराई देने वाले किरदारों में दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी में रहस्य और अपराध के साथ-साथ मानवीय रिश्तों को भी अहम स्थान दिया गया है। ऐसे में मुख्य किरदारों के बीच के संबंध कहानी के घटनाक्रम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्राइम वीडियो के निर्देशक और ओरिजिनल्स के प्रमुख निखिल मधोक ने फिल्म को लेकर कहा कि मंच हमेशा ऐसी कहानियों का समर्थन करने की कोशिश करता है,जो खास, वास्तविक और भावनात्मक रूप से दर्शकों से जुड़ने वाली हों। उनके अनुसार ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ इसी सोच का मजबूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह कहानी सच की तलाश के साथ एक ऐसी महिला की यात्रा को भी सामने लाती है,जो दुख और जीवन की कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए अपनी आवाज दोबारा हासिल करने की कोशिश करती है।
निखिल मधोक ने फिल्म की रचनात्मक टीम की भी तारीफ की। उन्होंने निर्देशक अंबिका पंडित,लेखिका अमिता व्यास और कार्यकारी निर्माता सुदीप शर्मा के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक निमिषा सजयन के नेतृत्व वाली कलाकारों की टीम ने बबीता के किरदार में गहराई और वास्तविकता लाने का काम किया है। इससे फिल्म की कहानी को भावनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फिल्म के कार्यकारी निर्माता सुदीप शर्मा ने भी इसके विषय को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि फिल्म भले ही एक अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन वास्तव में यह एक ऐसी महिला की व्यक्तिगत यात्रा की कहानी है,जिसने अपनी जिंदगी में हमेशा दूसरों के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश की और दूसरों की स्वीकृति को महत्व दिया। उनके मुताबिक बबीता का किरदार लंबे समय तक अपनी जिंदगी में पीछे रहकर जीने वाली महिला का प्रतिनिधित्व करता है,जो इस जाँच के दौरान खुद को नए तरीके से पहचानना शुरू करती है।
सुदीप शर्मा ने निमिषा सजयन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस किरदार को संवेदनशीलता और मजबूती के साथ पर्दे पर उतारा है। वहीं वरुण सोबती और अंशुमान पुष्कर कहानी की दुनिया में अपनी भूमिकाओं के जरिए गहराई और अलग तरह का प्रभाव जोड़ते हैं। इससे संकेत मिलता है कि फिल्म में सिर्फ मुख्य जाँच पर ही ध्यान नहीं दिया गया है,बल्कि उसके आसपास मौजूद किरदारों को भी महत्वपूर्ण तरीके से विकसित किया गया है।
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ का निर्देशन अंबिका पंडित ने किया है,जबकि इसकी कहानी और पटकथा अमिता व्यास ने लिखी है। फिल्म को फिल्म स्क्वाड प्रोडक्शंस के बैनर तले सौरभ मल्होत्रा,मनुज मित्रा और टीना थारवानी ने एक्ट थ्री के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। कार्यकारी निर्माता के तौर पर सुदीप शर्मा इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।
फिल्म की कहानी को देखते हुए इसमें अपराध की जाँच के साथ रहस्य और मनोवैज्ञानिक पहलुओं का भी मिश्रण देखने को मिल सकता है। एक ऐसी पुलिस अधिकारी,जो खुद निलंबित है और अपने बचपन की दोस्त की हत्या की जाँच में उतरती है,कहानी को शुरुआत से ही एक अलग आधार देती है। जाँच के दौरान बबीता को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और हत्या का सच आखिर किस मोड़ पर सामने आता है,यही फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा।
इसके अलावा कहानी का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष बबीता की निजी जिंदगी है। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि किसी अपराध की जाँच करने वाला व्यक्ति खुद भी भावनात्मक संघर्षों और व्यक्तिगत सवालों से गुजर सकता है। बबीता की जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, उसके भीतर दबे कई सवाल भी सामने आने लगते हैं। इस वजह से फिल्म को सिर्फ क्राइम इन्वेस्टिगेशन के तौर पर नहीं,बल्कि एक महिला के आत्म-सम्मान और आत्म-पहचान की कहानी के रूप में भी पेश किया जा रहा है।
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ 28 अगस्त को प्राइम वीडियो पर भारत समेत दुनियाभर में रिलीज होगी। हिंदी के साथ अंग्रेजी सबटाइटल्स की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। फिल्म की कहानी,कलाकारों की मौजूदगी और अपराध के साथ महिला केंद्रित व्यक्तिगत संघर्ष के मेल को देखते हुए ओटीटी दर्शकों के बीच इसे लेकर दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। अब 28 अगस्त को यह देखना अहम होगा कि बबीता सिंह अपनी दोस्त की हत्या का रहस्य सुलझा पाती है या यह जाँच उसकी जिंदगी में छिपे ऐसे राज खोल देती है,जिनका सामना करने के लिए वह खुद भी तैयार नहीं थी।
