एग्जिम ऑपरेशन शुरू होने से पहले सीएम सतीशन ने विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट की तैयारियों का जायजा लिया (तस्वीर क्रेडिट@iprdkerala)

विझिनजाम पोर्ट में शुरू हुआ नया अध्याय,जमीन आधारित कार्गो संचालन से वैश्विक समुद्री कारोबार को मिलेगी रफ्तार

तिरुवनंतपुरम,18 अगस्त (युआईटीवी)- केरल के विझिनजाम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने मंगलवार से अपने संचालन के एक नए और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। अब तक मुख्य रूप से ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के रूप में काम कर रहे इस बंदरगाह के गेट जमीन आधारित एक्सपोर्ट-इंपोर्ट यानी एग्जिम कार्गो के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही कंटेनरों की आवाजाही सीधे बंदरगाह के भीतर और बाहर शुरू हो गई है। इस बदलाव को विझिनजाम के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल बंदरगाह की कारोबारी गतिविधियाँ बढ़ने की उम्मीद है,बल्कि केरल की वैश्विक समुद्री व्यापार में भूमिका भी मजबूत हो सकती है।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंगलवार सुबह विझिनजाम इंटरनेशनल सीपोर्ट का दौरा कर नए चरण के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया। यह मुख्यमंत्री बनने के बाद विझिनजाम में उनका पहला विस्तृत आधिकारिक दौरा था। वह सुबह-सुबह बंदरगाह पहुँचे और जमीन आधारित एग्जिम कार्गो संचालन के लिए गेट खोले जाने से पहले वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के साथ उद्योग,सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी भी मौजूद रहे।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्री को बंदरगाह के मौजूदा संचालन,कार्गो प्रबंधन और आगे की विस्तार योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि नए चरण में प्रवेश के साथ बंदरगाह की गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा और कंटेनर कार्गो की आवाजाही में तेजी आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बंदरगाह परिसर में स्थित व्हीकल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कार्यालय का भी दौरा किया और यातायात प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली।

विझिनजाम बंदरगाह की सबसे बड़ी खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों से इसकी निकटता है। यही वजह है कि इसे केरल के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। अभी तक इसका प्रमुख संचालन ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों पर केंद्रित था,लेकिन जमीन आधारित एग्जिम कार्गो संचालन शुरू होने से बंदरगाह की भूमिका और व्यापक होने जा रही है। अब आयात और निर्यात से जुड़े कंटेनरों को सीधे बंदरगाह के माध्यम से लाने और बाहर ले जाने की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अपने दौरे के बाद सोशल मीडिया पर कहा कि समीक्षा का मुख्य फोकस बंदरगाह की परिचालन तैयारियों पर रहा। उन्होंने संकेत दिया कि विझिनजाम अब ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है,जो वैश्विक शिपिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। राज्य सरकार की नजर बंदरगाह को केवल जहाजों के आने-जाने की जगह के रूप में विकसित करने पर नहीं,बल्कि व्यापक आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित करने पर है।

विझिनजाम को केरल की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजनों में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि बंदरगाह की बढ़ती क्षमता के साथ ट्रांसशिपमेंट,लॉजिस्टिक्स,वेयरहाउसिंग,व्यापार और अन्य संबंधित क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। बंदरगाह के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होने से रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है।

जमीन आधारित एग्जिम संचालन शुरू होना अडानी समूह द्वारा संचालित विझिनजाम इंटरनेशनल सीपोर्ट के विकास में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना लंबे समय से केरल के बड़े बुनियादी ढाँचा निवेशों में शामिल रही है। बंदरगाह के पूर्ण परिचालन की दिशा में लगातार बढ़ते कदम से राज्य को उम्मीद है कि विझिनजाम अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए आकर्षक केंद्र बन सकेगा।

विझिनजाम का महत्व केवल केरल तक सीमित नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार में कंटेनर परिवहन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए ऐसे बंदरगाहों की माँग बढ़ रही है,जहाँ बड़े जहाजों की आवाजाही और कार्गो के कुशल प्रबंधन की सुविधा हो। यदि विझिनजाम अपनी क्षमता के अनुरूप ट्रांसशिपमेंट और एग्जिम कार्गो कारोबार को आकर्षित करने में सफल रहता है,तो इससे भारत के समुद्री व्यापार नेटवर्क को भी लाभ मिल सकता है।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को भी एग्जिम संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होना था,लेकिन वह अब कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाएँगे। हालाँकि,केंद्र के प्रतिनिधित्व में हुए इस बदलाव से नए परिचालन चरण के महत्व पर कोई विशेष असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। राज्य सरकार के लिए मुख्य प्राथमिकता अब बंदरगाह की नियमित और सुचारु कार्गो आवाजाही सुनिश्चित करना है।

कार्गो संचालन बढ़ने के साथ बंदरगाह से जुड़े सड़क संपर्क और वाहनों की आवाजाही भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। इसी वजह से मुख्यमंत्री के दौरे में व्हीकल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की तैयारियों को भी विशेष महत्व दिया गया। बड़े पैमाने पर कंटेनर ट्रकों की आवाजाही के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन जरूरी होगा,ताकि बंदरगाह के आसपास के इलाकों में जाम और अन्य समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके।

राज्य सरकार का लक्ष्य विझिनजाम को एक ऐसे आर्थिक गेटवे के रूप में विकसित करना है,जिसके माध्यम से केरल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से और मजबूती से जुड़ सके। बंदरगाह के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क,गोदाम,परिवहन सेवाएँ,निर्यात-आयात कारोबार और अन्य सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएँ हैं। यदि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ता है,तो विझिनजाम का प्रभाव तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों से आगे पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था तक पहुँच सकता है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है,जब राज्य सरकार विझिनजाम को आर्थिक विकास की अपनी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रही है। अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद सँभालने के बाद उनका यह पहला विस्तृत आधिकारिक विझिनजाम कार्यक्रम था। ऐसे में उनके दौरे को बंदरगाह की भविष्य की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जमीन आधारित एग्जिम कार्गो संचालन शुरू होने के साथ अब विझिनजाम के सामने अगली चुनौती अपने कारोबारी नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की होगी। बंदरगाह की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी बड़ी मात्रा में कार्गो आकर्षित करता है, अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के साथ कितने मजबूत संबंध बनाता है और आसपास की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।

कुल मिलाकर,मंगलवार से शुरू हुआ नया चरण विझिनजाम के लिए केवल परिचालन विस्तार नहीं,बल्कि एक बड़े आर्थिक परिवर्तन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों से आगे बढ़कर एग्जिम कार्गो संचालन शुरू होने से बंदरगाह के उपयोग का दायरा बढ़ेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में विझिनजाम केरल को वैश्विक समुद्री व्यापार,लॉजिस्टिक्स और निवेश के नक्शे पर और मजबूत स्थान दिलाएगा। अब यह बंदरगाह एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना से आगे बढ़कर पूरी तरह सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।