अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा (तस्वीर क्रेडिट@avesh905791)

अमेरिकी टैरिफ पर ब्राजील और अमेरिका में फिर होगी बातचीत,सितंबर के अंत में बैठक की संभावना

रियो डी जेनेरो,15 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका की ओर से लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को लेकर ब्राजील और अमेरिका के बीच एक बार फिर बातचीत का दौर शुरू होने वाला है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव के बीच ब्राजील के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सितंबर के अंत तक उच्चस्तरीय चर्चा हो सकती है। ब्राजील सरकार का कहना है कि वह अपने उद्योगों,कंपनियों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ बातचीत और कूटनीतिक समाधान का रास्ता भी खुला रखना चाहती है। ऐसे में प्रस्तावित बैठक को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवाएँ मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने कहा है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ उनकी मुलाकात होने की संभावना है। यह बैठक 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक अमेरिका में होने वाली जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हो सकती है। रोजा ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं और ब्राजील किसी भी रचनात्मक चर्चा के लिए तैयार है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यापारिक मतभेदों के बावजूद ब्राजील संवाद को प्राथमिकता देगा।

मार्सियो एलियास रोजा ने कहा कि ब्राजील अपने आर्थिक हितों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। देश अपने उद्योगों और घरेलू कंपनियों के साथ-साथ रोजगार से जुड़े हितों की रक्षा करेगा,लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत बंद कर देगा। ब्राजील का मानना है कि व्यापार से जुड़े विवादों का समाधान बातचीत और बहुपक्षीय सहयोग के जरिए निकाला जाना चाहिए। सरकार की कोशिश है कि टैरिफ के कारण ब्राजील के निर्यातकों पर पड़ रहे दबाव को कम किया जाए और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को किसी बड़े टकराव की ओर जाने से रोका जाए।

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित बातचीत को अगस्त में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन वार्ता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों नेताओं की बातचीत के बाद व्यापारिक मुद्दों को लेकर आगे की चर्चा का रास्ता तैयार हुआ था। अब सितंबर के अंत में होने वाली संभावित बैठक उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष मतभेदों के बावजूद बातचीत के जरिए किसी समाधान तक पहुँचने की संभावना तलाश रहे हैं।

ब्राजील लगातार अमेरिका की ओर से लगाए गए एकतरफा टैरिफ पर आपत्ति जताता रहा है। ब्राजील सरकार का कहना है कि कुछ उत्पादों पर लगाए गए शुल्क उचित नहीं हैं और इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंध प्रभावित हो रहे हैं। हालाँकि,ब्राजील ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी कदमों के जवाब में अपनी अर्थव्यवस्था को बंद करने या किसी व्यापक व्यापार युद्ध में शामिल होने का इरादा नहीं रखता। सरकार का जोर आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और अपने निर्यातकों के हितों को सुरक्षित रखने पर है।

मार्सियो एलियास रोजा ने कहा कि ब्राजील बहुपक्षीय सहयोग,संवाद और वार्ता में विश्वास करता है और वह इन सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक नीतियों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। ब्राजील के लिए अमेरिका एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापार हजारों कंपनियों तथा बड़ी संख्या में कामगारों से जुड़ा हुआ है। इसलिए टैरिफ के मुद्दे का असर केवल सरकारों के बीच संबंधों तक सीमित नहीं है,बल्कि इसका सीधा प्रभाव कारोबार और निर्यात पर भी पड़ रहा है।

फिलहाल अमेरिका ने ब्राजील से आने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लागू कर रखा है। अलग-अलग व्यापारिक जाँच और उपायों के तहत लगाए गए इन शुल्कों के कारण कुछ ब्राजीलियाई उत्पादों पर कुल टैरिफ दर 37.5 प्रतिशत तक पहुँच गई है। इतने ऊंचे शुल्क का असर ब्राजील के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ सकता है। अमेरिकी बाजार में कीमतें बढ़ने की स्थिति में ब्राजील की कंपनियों के लिए अपने उत्पादों को पहले की तरह प्रतिस्पर्धी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवाएँ मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक,अमेरिका की ओर से उठाए गए नए व्यापारिक कदमों का प्रभाव ब्राजील से अमेरिका जाने वाले करीब 23.1 प्रतिशत निर्यात पर पड़ रहा है। यह आँकड़ा बताता है कि मौजूदा टैरिफ विवाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के एक महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में सितंबर के अंत में प्रस्तावित बातचीत ब्राजील के लिए अपने निर्यात हितों से जुड़े मुद्दों को सीधे अमेरिकी अधिकारियों के सामने रखने का अहम अवसर हो सकती है।

व्यापारिक तनाव का असर दोनों देशों के बीच निर्यात के आँकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में ब्राजील ने अमेरिका को 17.4 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले करीब 13 प्रतिशत कम है। निर्यात में यह गिरावट ऐसे समय आई है,जब टैरिफ और व्यापारिक नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े हैं। इससे ब्राजील के निर्यातकों के सामने अमेरिकी बाजार में माँग और लागत से जुड़ी नई चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं।

अमेरिका के साथ व्यापार में गिरावट का असर ब्राजील के कुल निर्यात ढाँचे पर भी पड़ा है। आँकड़ों के अनुसार,ब्राजील के कुल निर्यात में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी घटकर 9.4 प्रतिशत रह गई है। यह वर्ष 1997 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लंबे समय से अमेरिका ब्राजील के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है,इसलिए हिस्सेदारी में इतनी बड़ी गिरावट ब्राजील के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है।

हालाँकि,ब्राजील सरकार का रुख टकराव के बजाय बातचीत पर केंद्रित दिखाई दे रहा है। सरकार एक तरफ अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ अपने हितों की रक्षा करने की तैयारी कर रही है,वहीं दूसरी तरफ व्यापारिक चैनलों को खुला रखना चाहती है। सितंबर के अंत में होने वाली संभावित बैठक में टैरिफ की दरों,प्रभावित उत्पादों और दोनों देशों के बीच व्यापार को सामान्य बनाने के संभावित विकल्पों पर चर्चा हो सकती है।

अब निगाहें जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक पर टिकी हैं,जहाँ ब्राजील और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। यदि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं,तो इससे व्यापारिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, बातचीत विफल रहने की स्थिति में ब्राजील को अपने निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल ब्राजील ने साफ कर दिया है कि वह दबाव के बावजूद संवाद का रास्ता नहीं छोड़ेगा और अपने आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखेगा।