पत्नी की हत्या के आरोपी रमानुज गोस्वामी की हिरासत में मौत (तस्वीर क्रेडिट@RonBikashGaurav)

पत्नी की हत्या के आरोपी रमानुज गोस्वामी की हिरासत में मौत,परिवार ने शव लेने से किया इनकार

गुवाहाटी,15 सितंबर (युआईटीवी)- गुवाहाटी में पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के मामले में गिरफ्तार रमानुज गोस्वामी की पुलिस हिरासत के दौरान मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। गोस्वामी के परिवार ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है। परिवार का आरोप है कि रमानुज की मौत सामान्य हादसे में नहीं हुई,बल्कि उसका एनकाउंटर किया गया है। परिवार ने इस मामले को अदालत में ले जाने और पुलिस हिरासत में हुई मौत की परिस्थितियों की कानूनी जाँच की माँग करने का फैसला किया है। दूसरी ओर,पुलिस और गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि रमानुज के शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला है और शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसकी मौत ऊँचाई से गिरने के कारण लगी गंभीर चोटों से हुई।

रमानुज गोस्वामी के पिता तरुण गोस्वामी ने कहा है कि उनका परिवार शव लेने के लिए गुवाहाटी नहीं जाएगा और न ही पुलिस से शव सौंपने के लिए संपर्क करेगा। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि उनके बेटे का एनकाउंटर किया गया है। परिवार का कहना है कि अब वह इस मामले को अदालत के माध्यम से आगे बढ़ाएगा और पुलिस हिरासत में रमानुज की मौत से जुड़े हर पहलू की जाँच की माँग करेगा।

तरुण गोस्वामी ने कहा कि परिवार इस मामले को जनता के सामने भी रखेगा और कानूनी प्रक्रिया के जरिए न्याय हासिल करने की कोशिश करेगा। उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट का रुख करने की बात कही है। परिवार का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएगा और यह जानने की कोशिश करेगा कि पुलिस की हिरासत में रमानुज की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार ने मीडिया और आम लोगों से भी अपील की है कि इस समय उनके घर न आएँऔर उनकी निजता का सम्मान करें,क्योंकि वे कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

हालाँकि,पुलिस के अनुसार रमानुज की मौत गोली लगने से नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि सोमवार तड़के उसे रक्त जाँच के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान नरकासुर पहाड़ियों के पास उसने पुलिस की गाड़ी से कथित तौर पर छलांग लगा दी। पुलिस के मुताबिक,रमानुज ने हिरासत से भागने की कोशिश की और गाड़ी से नीचे कूदने के बाद वह पहाड़ी से गिर गया। गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं,जो जानलेवा साबित हुईं।

यह घटना सोमवार सुबह करीब तीन बजे की बताई जा रही है। उस समय पुलिस रमानुज को हाटीगांव इलाके से कहिलिपारा होते हुए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जा रही थी। पुलिस के अनुसार,नरकासुर पहाड़ियों के पास अचानक रमानुज ने भागने की कोशिश की और वाहन से कूद गया। इसके बाद पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुँचीं, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसने रमानुज पर गोली नहीं चलाई थी और मौत गिरने के कारण लगी चोटों से हुई।

अस्पताल प्रशासन की ओर से भी शुरुआती जाँच के बाद पुलिस के दावे से मिलती-जुलती जानकारी सामने आई है। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक देबजीत चौधरी ने बताया कि सोमवार सुबह 3 बजकर 41 मिनट पर पुलिस रमानुज को कैजुअल्टी वार्ड में लेकर पहुँचीं थी। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक उसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के तौर पर लाया गया था,लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत पाया। अस्पताल पहुँचने के समय ही उसकी मौत हो चुकी थी।

देबजीत चौधरी के मुताबिक,अस्पताल में तय चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत तत्काल जरूरी जाँच की गई। इनमें ईसीजी भी शामिल था। हालाँकि,मौत के वास्तविक कारण और शरीर पर लगी चोटों की पूरी जानकारी विस्तृत पोस्टमार्टम जाँच के बाद ही सामने आएगी। अस्पताल प्रशासन ने यह भी कहा कि शुरुआती परीक्षण में रमानुज के शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला है।

यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रमानुज की मौत के बाद सोशल मीडिया और कुछ शुरुआती दावों में पुलिस फायरिंग में मारे जाने की बात कही जा रही थी। अस्पताल की शुरुआती जाँच में गोली लगने के निशान नहीं मिलने से इन दावों पर सवाल खड़े हुए हैं। हालाँकि,परिवार ने पुलिस के दावे को स्वीकार नहीं किया है और वह मौत की परिस्थितियों को लेकर न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने की तैयारी में है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे होने वाली जाँच इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने यह भी बताया कि रमानुज के शरीर पर कई टैटू थे। हालाँकि,टैटू पर लिखी बातों को शुरुआती स्तर पर स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका। शव को आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद अस्पताल के मुर्दाघर में रख दिया गया है। अब विस्तृत पोस्टमार्टम के बाद उसकी मौत से जुड़ी चोटों और अन्य परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

रमानुज गोस्वामी को उसकी 25 वर्षीय पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। रिया का शव इस महीने की शुरुआत में गुवाहाटी के बसिष्ठापुर इलाके में स्थित उनके घर से बरामद किया गया था। मामला तब सामने आया,जब आसपास रहने वाले लोगों को अपार्टमेंट से तेज दुर्गंध आने लगी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और घर की जाँच के दौरान रिया का शव बरामद किया गया।

पुलिस ने आरोप लगाया था कि रिया और रमानुज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। जाँच के दौरान पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद रमानुज ने रिया के शव के साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया और उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया। पुलिस के मुताबिक,शव के हिस्से को फ्रिज में रखे जाने की बात भी जाँच में सामने आई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था और मामला तेजी से चर्चा में आ गया था।

गिरफ्तारी के बाद रमानुज के बयानों को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। पुलिस हिरासत के दौरान उसने अलग-अलग समय पर विरोधाभासी बातें कही थीं। एक समय उसके कथित बयान में किसी तरह के पछतावे या माफी से इनकार किया गया था। उसने कथित तौर पर जेल से बाहर आने के बाद उस व्यक्ति को मारने की धमकी भी दी थी,जिसे वह अपनी पत्नी का ‘शुगर डैडी’ बताता था। इसके कुछ समय बाद उसके रुख में बदलाव दिखाई दिया और उसने अपने किए पर पछतावा जताया था।

रमानुज की मौत ने अब पहले से ही गंभीर इस मामले को एक नए मोड़ पर ला दिया है। एक तरफ पुलिस का कहना है कि हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान ऊँचाई से गिरने के कारण उसकी मौत हुई और गोली चलाए जाने की बात सही नहीं है। दूसरी तरफ परिवार ने पुलिस के इस दावे पर भरोसा नहीं जताया है और सीधे एनकाउंटर का आरोप लगाया है। ऐसे में परिवार की प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई इस मामले की जाँच की दिशा को प्रभावित कर सकती है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी,जिससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि रमानुज को किस तरह की चोटें लगी थीं और उसकी मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था। इसके साथ ही पुलिस वाहन में मौजूद कर्मियों के बयान, घटनास्थल की जाँच और हिरासत से भागने की कथित कोशिश से जुड़े तथ्यों की भी अहम भूमिका होगी।

रिया तालुकदार की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी की मौत के बाद अब जाँच केवल पत्नी की हत्या तक सीमित नहीं रह गई है। रमानुज की हिरासत में मौत भी एक अलग गंभीर सवाल बन गई है। परिवार अदालत जाने की तैयारी कर रहा है,जबकि पुलिस और अस्पताल की शुरुआती जानकारी मौत को गिरने से हुई चोटों से जोड़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कानूनी जाँच से यह साफ हो सकेगा कि रमानुज की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।