अमृतसर,18 सितंबर (युआईटीवी)- पंजाब के अमृतसर जिले में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हरजीत सिंह की मौत के बाद पुलिस विभाग और उनके परिवार में शोक का माहौल है। देर रात गेट हकीमा इलाके में अज्ञात हमलावरों ने ड्यूटी पर तैनात हरजीत सिंह को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया,जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरजीत सिंह के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारी का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुख की इस घड़ी में पंजाब सरकार शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
भगवंत मान ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से हरजीत सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक की ओर से परिवार को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान भी मिलेगा। इस तरह परिवार को कुल दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने शहीद जवानों और उनके परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरजीत सिंह ने जिस साहस और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन किया,वह पुलिस विभाग के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणा है। उनके मुताबिक,उनका सर्वोच्च बलिदान लोगों की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों के समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने भी हरजीत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर जिले में ड्यूटी के दौरान बहादुर पुलिस अधिकारी ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने पुलिस विभाग की ओर से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पंजाब पुलिस इस मुश्किल समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
पुलिस महानिदेशक ने भी परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि एचडीएफसी बैंक की ओर से एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हरजीत सिंह को पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। पुलिस विभाग की ओर से उनके बलिदान को सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक,गेट हकीमा इलाके में देर रात हरजीत सिंह ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य अधिकारियों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की,लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। संबंधित थाने की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अब हमलावरों की पहचान करने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। घटनास्थल और उसके आसपास की गतिविधियों की भी जाँच की जा रही है।
हरजीत सिंह की मौत ने पंजाब पुलिस के सामने ड्यूटी के दौरान जवानों की सुरक्षा से जुड़ा एक और गंभीर सवाल खड़ा किया है। हालाँकि,जाँच अभी जारी है और हमले के कारणों तथा आरोपियों को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपियों तक पहुँचने और घटना की पूरी कड़ी को सामने लाने पर है।
हरजीत सिंह के परिवार के लिए यह घटना बेहद कठिन समय लेकर आई है। मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक की ओर से आर्थिक सहायता और पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई की घोषणा के बीच विभाग ने उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया है। ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले एएसआई हरजीत सिंह का बलिदान उनके साथियों और परिवार के लिए हमेशा एक भावनात्मक स्मृति बना रहेगा।
