अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की(तस्वीर क्रेडिट@omkarchaudhary)

ट्रंप और जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में होगी मुलाकात,यूक्रेन ने शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने की जताई तैयारी

वॉशिंगटन,21 सितंबर (युआईटीवी)- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ न्यूयॉर्क में मुलाकात करने पर सहमति जताई है। दोनों नेताओं के बीच यह प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में होने जा रही है,जब यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और शांति की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ बातचीत के बाद कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। हालाँकि,अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों नेताओं की मुलाकात किस तारीख को होगी और उसमें किन मुद्दों पर ठोस चर्चा की जाएगी।

ट्रंप के साथ बातचीत के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमति जताई है। जेलेंस्की के मुताबिक,यह बैठक महत्वपूर्ण हो सकती है और इससे कूटनीतिक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए नया माहौल तैयार हो सकता है। हालाँकि,उन्होंने बैठक की तारीख या समय को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि मुलाकात में शांति प्रक्रिया से जुड़े कौन-कौन से प्रस्ताव दोनों नेताओं के सामने होंगे।

जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दौरान कई जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और अमेरिकी टीम के बीच बातचीत में शांति हासिल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके अनुसार,यूक्रेन का उद्देश्य तनाव कम करने और ऐसे कदमों की तलाश करना है,जिनसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मौजूदा संकट को कम करने की दिशा में प्रगति हो सके।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने जिन प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया,उनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तनाव कम करने के संभावित कदमों और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी विषयों को हल करने के लिए कुछ सुझावों पर विचार किया जा रहा है। हालाँकि,उन्होंने इन सुझावों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया। यह भी नहीं बताया गया कि प्रस्तावित कदमों को लागू करने के लिए किन पक्षों की क्या भूमिका होगी और उनकी समयसीमा क्या हो सकती है।

जेलेंस्की ने संकेत दिया कि यूक्रेन इन मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है और अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है और वास्तव में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। हालाँकि,उनके बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये कदम किस स्वरूप में होंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि किसी संभावित समझौते या तनाव कम करने की प्रक्रिया के तहत दूसरे पक्ष से किस तरह की प्रतिबद्धता की अपेक्षा की जा रही है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति की पोस्ट में रूस की ओर से किसी संभावित प्रतिबद्धता का भी उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि न्यूयॉर्क में प्रस्तावित ट्रंप-जेलेंस्की बैठक सीधे रूस-यूक्रेन युद्ध के किसी विशेष पहलू पर केंद्रित होगी या इसमें व्यापक शांति प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की तारीख और एजेंडा स्पष्ट होने के बाद ही इसके संभावित परिणामों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान विस्तार से बातचीत हुई और दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों को यूक्रेन की मौजूदा परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला। यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक,इस तरह की बातचीत और जमीनी स्थिति की जानकारी शांति प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति को उस कानून पर हस्ताक्षर करने के लिए भी धन्यवाद दिया,जिसे उन्होंने ‘लिंडसे ग्राहम बिल’ के नाम से संबोधित किया। हालाँकि,उन्होंने इस संदर्भ में कानून के प्रावधानों या उसके तत्काल प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी। उनका बयान मुख्य रूप से अमेरिका और यूक्रेन के बीच जारी सहयोग तथा शांति की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता पर केंद्रित रहा।

यूक्रेन और अमेरिका के बीच बातचीत ऐसे समय में हो रही है,जब युद्ध को लेकर कूटनीतिक गतिविधियाँ भी जारी हैं। यूक्रेन लगातार अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देता रहा है। दूसरी ओर,अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी युद्ध के समाधान की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में ट्रंप और जेलेंस्की की संभावित न्यूयॉर्क बैठक को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद के एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

जेलेंस्की ने हालाँकि अपने बयान में किसी शांति समझौते पर पहुँचने या किसी विशेष समझौते को लागू करने की समयसीमा का ऐलान नहीं किया है। उन्होंने केवल यह संकेत दिया है कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल बातचीत प्रक्रिया के स्तर पर है और इसके अंतिम स्वरूप को लेकर कई सवालों के जवाब अभी सामने आना बाकी हैं।

ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा यूक्रेन के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि युद्ध के दौरान ऊर्जा ढाँचे को नुकसान पहुँचने और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की चुनौती बनी रही है। खाद्य सुरक्षा भी व्यापक क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में महत्वपूर्ण विषय है। इसके अलावा लोगों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात सीधे मानवीय पहलू से जुड़ी है। जेलेंस्की ने इन तीनों क्षेत्रों को तनाव कम करने के संभावित उपायों के साथ जोड़ते हुए बताया कि इन पर अमेरिकी पक्ष के साथ चर्चा की जा रही है।

जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट के अंत में शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति होनी चाहिए और यूक्रेन के साथ खड़े लोगों का आभार जताया। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि यूक्रेन शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ संवाद जारी रखना चाहता है। हालाँकि,किसी भी ठोस समझौते के लिए आगे की बातचीत,प्रस्तावों और संबंधित पक्षों की सहमति जरूरी होगी।

अब सबकी नजर न्यूयॉर्क में होने वाली संभावित ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात पर है। बैठक की तारीख,एजेंडा और उसमें सामने आने वाले प्रस्ताव अभी स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल इतना ही सामने आया है कि दोनों नेताओं ने मुलाकात पर सहमति जताई है और यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ शांति की दिशा में गंभीर कदमों पर काम करने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में इस बातचीत का प्रारूप और इसके संभावित अगले कदम अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।