चेंगलपट्टू,26 सितंबर (युआईटीवी)- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को मदुरांतकम विधानसभा उपचुनाव के लिए आयोजित प्रचार कार्यक्रम में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए उनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठाए। विजय ने स्टालिन को चुनौती दी कि वह राजनीति में आने से पहले और उसके बाद अपनी संपत्ति में हुए बदलाव का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें। उन्होंने विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार के मामलों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मुद्दों को लगातार जनता के सामने उठाती रहेगी।
मदुरांतकम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं ने सत्ता में रहते हुए सरकारी संसाधनों तक पहुँच बनाई। हालाँकि,इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने किसी विशेष मामले या दस्तावेजी सबूत का उल्लेख नहीं किया। विजय ने कहा कि अब तमिलनाडु की जनता को पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों के नाम पर गुमराह नहीं किया जा सकता।
विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई और राज्य की स्थापित राजनीतिक पार्टियों के सामने एक अलग राजनीतिक विकल्प पेश किया। उपलब्ध चुनावी आँकड़ों के अनुसार, 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटें मिली थीं,जबकि डीएमके को 59 और अन्नाद्रमुक को 47 सीटें हासिल हुई थीं। विजय ने अपने संबोधन में इस जनादेश को अपनी पार्टी के लिए जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया और कहा कि टीवीके सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों की आवाज बनकर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे डीएमके और अन्नाद्रमुक ने टीवीके के खिलाफ प्रभावी रूप से एकजुट होने का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को स्थापित राजनीतिक दलों की तुलना में अलग तरीके से काम करने की जरूरत है। विजय के अनुसार,उनकी पार्टी का उद्देश्य सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखना है और वह जनता के पैसे के कथित दुरुपयोग को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि सामान्य परिवारों से जुड़े लोग भी सरकार चला सकते हैं और इसके लिए सरकारी धन का गलत इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। विजय ने दावा किया कि उनकी सरकार विधानसभा में पिछली सरकारों से जुड़े कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रही है। उनके मुताबिक,ऐसे मामलों में उनसे सबूत पेश करने को कहा गया और अदालत में विचाराधीन मामलों पर सदन में चर्चा को लेकर भी आपत्तियाँ सामने आईं।
विजय ने कहा कि युवाओं को राज्य की राजनीति में पिछले कई दशकों के दौरान सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों और उनसे जुड़े विवादों के बारे में जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से तमिलनाडु की राजनीतिक व्यवस्था को देखते आ रहे हैं और आगे भी उससे जुड़े सवाल उठाते रहेंगे। उनका कहना था कि नई पीढ़ी को राजनीति और शासन में जवाबदेही के मुद्दे पर जानकारी मिलनी चाहिए।
इसके बाद विजय ने सीधे स्टालिन को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि क्या डीएमके अध्यक्ष यह कह सकते हैं कि उन्होंने कभी जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या स्टालिन यह आश्वासन दे सकते हैं कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होगी। विजय ने स्टालिन से राजनीति में आने से पहले और राजनीतिक जीवन शुरू करने के बाद उनकी संपत्ति का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
विजय की इस चुनौती के बीच स्टालिन की चुनावी संपत्ति संबंधी घोषणा का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए दायर हलफनामे के अनुसार,स्टालिन ने करीब 9.70 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। यह विवरण चुनावी हलफनामे पर आधारित है और राजनीति में प्रवेश से पहले और बाद की संपत्ति की तुलना अपने आप में विजय की माँग का पूर्ण जवाब नहीं है।
विजय ने अपने भाषण में यह भी कहा कि स्टालिन चुनाव जीतें या हारें, वह उनके लिए ‘स्वीट अंकल’ हैं। हालाँकि,इसके साथ ही उन्होंने डीएमके के खिलाफ अपने राजनीतिक हमले जारी रखे। उन्होंने दावा किया कि डीएमके ने अब टीवीके को अपने प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के तौर पर स्वीकार करना शुरू कर दिया है। विजय के मुताबिक, उनकी पार्टी को तमिलनाडु के सामान्य परिवारों और युवाओं से समर्थन मिल रहा है।
मदुरांतकम उपचुनाव को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो चुकी हैं। यह सीट उन दो विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है,जहाँ 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। मदुरांतकम से टीवीके ने के. मरगथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है। कुमारवेल ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के टिकट पर यह सीट जीती थी, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं। इसके बाद सीट खाली हुई और अब यहाँ उपचुनाव कराया जा रहा है।
मदुरांतकम के साथ धारापुरम विधानसभा सीट पर भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। दोनों सीटों पर पहले अन्नाद्रमुक के विधायक चुने गए थे,जिन्होंने बाद में इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया। टीवीके ने दोनों को ही उपचुनाव में अपने उम्मीदवार के रूप में उतारा है। इस वजह से दोनों सीटों पर चुनावी मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच बदलते समीकरणों से भी जुड़ गया है।
मदुरांतकम में टीवीके के प्रचार अभियान के बीच अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी गुरुवार से अपना प्रचार शुरू किया। उन्होंने टीवीके पर अन्नाद्रमुक विधायकों के दल बदलने को लेकर आरोप लगाए और विजय को सीधे मुकाबले की चुनौती दी। दूसरी ओर,डीएमके भी इस उपचुनाव में सक्रिय है। इस तरह उपचुनाव से पहले तीनों प्रमुख राजनीतिक खेमों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
शुक्रवार के कार्यक्रम को लेकर टीवीके ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की थी। पार्टी के अनुसार,प्रचार कार्यक्रम में प्रवेश को 5,000 लोगों तक सीमित रखा गया और पुलिस दिशा-निर्देशों के तहत क्यूआर कोड वाले पास जारी किए गए। विजय ने इस कार्यक्रम के जरिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच पार्टी का संदेश पहुँचाने के साथ-साथ डीएमके पर अपना राजनीतिक हमला भी तेज किया।
मदुरांतकम और धारापुरम के उपचुनाव ऐसे समय हो रहे हैं,जब तमिलनाडु की नई राजनीतिक व्यवस्था में टीवीके अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। विजय के सामने एक ओर सरकार चलाने की जिम्मेदारी है,वहीं दूसरी ओर उपचुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार की चुनौती भी है। ऐसे में मदुरांतकम की रैली में स्टालिन की संपत्ति और भ्रष्टाचार को लेकर उठाए गए सवालों को टीवीके के व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा माना जा सकता है। चुनावी प्रचार आगे बढ़ने के साथ डीएमके और अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया भी सामने आने की संभावना है।
